दूकानदार, छोटे उद्योग, एमएसएमई सबका धंधा चौपट

रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, और राज्यसभा सदस्य शक्ति सिंह गोहिल ने केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों से रिश्वत लेकर दूकानदारों का धंधा चौपट करने की सुपारी ले रही है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में मीडिया से चर्चा में गोहिल ने कहा कि पिछले एक साल में 14 करोड़ रोजगार खत्म हो चुके हैं। दूकानदार, छोटे उद्योग, एमएसएमई सबका धंधा चौपट हो गया है। यह बात भी सामने आई है कि बहुराष्ट्रीय कंपनी अमेजन ने 8546 करोड़ की रिश्वत दी है। उन्होंने बताया कि अमेजन ने पिछले दो साल में भारत में कानूनी फीस के रूप में 8546 करोड़ का भुगतान किया। देश के कानून मंत्रालय का सालाना बजट तो 11 सौ करोड़ है, और अमेजन कंपनी का कानूनी फीस का दो साल का बजट ही 8546 करोड़ है। यहपैसा तथाकथित रिश्वत के तौर पर दिया गया है।

पीएम मोदी चुप क्यों?

गोहिल ने पूछा कि 8546 करोड़ की रिश्वत केन्द्र सरकार के किस अफसर, और सफेद पोश राजनेता को मिली है। क्या यह रिश्वत मोदी सरकार में कानून, और नियम बदलने के लिए दी गई ताकि छोटे-छोटे दूकानदार, और उद्योगों का धंधा बंद कर अमेजन जैसी कंपनी का व्यवसाय चल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप क्यों है? गोहिल ने सवाल उठाया कि क्या वे अमेरिका के राष्ट्रपति से अमेजन कंपनी के खिलाफ कथित रिश्वत घोटाले की आपराधिक जांच की मांग करेंगे?