छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीति का लोहा मनवा चुके सीएम भूपेश बघेल ने यूपी की राजनीति में अपनी आमद से एक बार फिर ये साबित किया है कि चाहे कुछ भी हो जाए वो गरीबों और बेसहारा लोगों की आवाज बनकर उभरेंगे। यूपी में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी जमीन पुख्ता कर रही है। ऐसे में आलाकमान ने इसकी जिम्मेदारी सूबे के मुखिया सीएम भूपेश बघेल को दी। पहले उन्हें यूपी इलेक्शन का ऑब्जर्वर बनाया गया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के लिए उन्हें स्टार प्रचारक की सूची में सबसे पहले जगह दी गई है। सीएम भूपेश ने जिम्मेदारी मिलते ही अपनी सूझबूझ और जिम्मेदारी भरे निर्णयों से यूपी सरकार को चुनाव से पहले ही काफी पीछे ढकेल दिया है। लखीमपुर हिंसा के बाद ऐसा लग रहा था कि यूपी सरकार इसे दबाकर आसानी से अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक लेगी। क्योंकि लखीमपुर में प्रियंका गांधी जब पीड़ितों से मिलने के लिए गई तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं सीएम भूपेश को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई।इसके बावजूद सीएम भूपेश लखनऊ पहुंचे और धरना देकर अपने इरादे साफ कर दिए।
भूपेश के आंदोलन का असर ये हुआ कि सरकार ने कांग्रेस के प्रतिनिधियों को पीड़ितों के गांव तक जाने का रास्ता साफ कर दिया। भूपेश के ही साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़ितों से मिले। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों परिवारों को सहायता राशि देकर अपने उदार मन का उदाहरण भी पेश किया। बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होने वाली थी। लिहाजा मोदी के गढ़ यानी बनारस में प्रियंका गांधी की बड़ी रैली रखी गई। किसान न्याय रैली में भूपेश जमकर गरजे। उन्होंने योगी सरकार को बताया कि किस तरह से वो एक महिला से डर गई है। सीएम भूपेश ने यूपी की जनता से वादा किया कि आने वाले इलेक्शन में वो योगी की दमनकारी सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।


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