रायपुर। मंगलवार को बस्तर से एक खबर सामने आई थी। इस खबर के मुताबिक अंतागढ़ देशी शराब दुकान के सुपरवाइजर डिगेंद्र कुमार पटेल ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मूलत: गरियाबंद के छूरा ब्लॉक का निवासी अंतागढ़ में देशी शराब दुकान का सुपरवाइजर था और किराए का मकान लेकर अपनी नौकरी कर रहा था। सवाल यह उठता है कि आखिर उसने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया।

इन कारणों से परेशान हो कर डिगेंन्द्र ने खुदकुशी कर ली।

शादी का मानसिक तनाव
अंतागढ़ थाना प्रभारी नितिन तिवारी के मुताबिक एक युवती ने डिगेन्द्र के खिलाफ शादी टालने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि युवती के साथ उसका बीते तीन सालों से संबंध था, लेकिन वह लगातार शादी की बात को टाल रहा था, जिसके चलते थानेदार ने उसे बुलाया और समझाईश भी दी थी। माना जा रहा है कि यह एक बड़ी वजह थी, जिससे वह बुरी तरह व्यथित था और मानसिक तनाव से गुजर रहा था।

3.5 लाख रुपए का कर्ज
मामले में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक मृतक डिगेंन्द्र कुछ दिनों से परेशान चल रहा था। उसकी परेशानी की वजह शराब दुकान का पैसा था। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले उसकी सुपरवाइजरी का एक सेल्समेन शराब दुकान का पैसा लेकर फरार हो गया। लेकिन कसुरबार डिगेन्द्र को ठहराया गया और उसे हर्जाना भरना पड़ रहा था। 3.5 लाख रुपए उसने कर्जा लेकर शराब दुकान के खाते में जमा कर दिया था, लेकिन जिन लोगों से उसने कर्ज लिया था, वो लोग उस पर पैसे लौटाने का दबाव भी डाल रहे थे।

फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जांच को जारी रखा है। इस बीच सामने आई जानकारी के मुताबिक उसके खुदकुशी किए जाने के पीछे तीन प्रमुख कारण थे, जिसमें से दो की पुष्टि हो चुकी है, तो तीसरे की पुष्टि के लिए पुलिस काम कर रही है।