स्टाल्स में दिखेगा आरंग का मखाना, जशपुर का काजू, आचार और जैम

रायपुर। 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य में उद्यानिकी की खेती को प्रोत्साहन दिए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जीवंत प्रदर्शनी लगाई जाएगी। करीब 3 हजार वर्ग फीट में उद्यानिकी विभाग बागवानी उत्पाद और एक जिला-एक उत्पाद का प्रदर्शन करेगा। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर उद्यानिकी विभाग के स्टॉल का मुआयना किया और अधिकारियों को बागवानी उत्पादों की प्रदर्शन के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की ओर से लगाई जा रही प्रदर्शनी में राज्य में चाय और काफी की खेती को भी क्षेत्रवार नक्शे के रूप में शानदार ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां राज्य की कृषि जलवायु पर आधारित उद्यानिकी फसलों के जिलेवार प्रदर्शन के साथ ही विभिन्न किस्म के आम, केला, पपीता, सेब, बेर आदि के पौधे, हनी बी, ड्रिप सिंचाई और छोटे तालाब में मखाने की खेती का प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदर्शनी के साथ बिक्री भी

स्टॉल में एग्जॉटिक सब्जी, फल और फूलों की प्रदर्शनी, बोनसाई पौधे, आरंग का मखाना, जशपुर का काजू, हाइब्रिड गेंदा, प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे आचार, जैम, सॉस, स्क्वाश आदि का प्रदर्शन के साथ इसकी बिक्री भी की जाएगी।