रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान दो आदवासी बाहुल्य राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों का अलग ही अंदाज देखने को मिला। दोनों सीएम ने परिसर में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान दोनों ने पारंपरिक वाद्य ठोड़का और तुरही बजाकर जुगलबंदी की। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जब ठोड़का बजाना शुरू किया तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तुरही बजाकर उनका साथ दिया। यह दिलचस्प नजारा जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर नजर आया। इस स्टॉल में जनजातीय समुदायों में प्रचलित पारंपरिक वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है।

राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव-राज्योत्सव 2021 में छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है। दोनों मुख्यमंत्री जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, आजीविका गुड़ी (आरआईपीए) के स्टालों का निरीक्षण कर उनके कार्य प्रणाली से अवगत हुए।

सोरेन ने चखा मुर्रा का स्वाद

आजीविका गुड़ी (आरआईपीए) में लघु वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिनी ऑयल मिल, मिनी दाल मिल और मुर्रा, चना, लाई, पॉपकार्न फोड़ने जैसे अन्य लघु इकाइयों की कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सोरेन ने छत्तीसगढ़ी मुर्रा का स्वाद भी चखा।

मुर्रा का स्वाद चखते झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

गौठान में चल रही गतिविधियों का लिया जायजा

सीएम बघेल ने मुख्यमंत्री सोरेन को कृषि विकास एवं किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गौठान का मॉडल दिखाकर वहां संचालित होने वाली आजीविका सम्बंधित गतिविधियों से अवगत कराया। इसके अलावा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय में उत्पादित किये जा रहे रागी आटा, कोदो, चावल, हर्बल गुलाल और चावल की विभिन्न प्रजातियों के बारे में मु्ख्य अतिथि को बताया।