खेती-किसानी के रकबे और किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पिछले साल छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी का एक नया रिकार्ड बना है। राज्य में बीते दो सालों में खेती-किसानी के रकबे और किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अब तक साढ़े 22 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल में किया गया है। राज्य में वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अब तक 22 लाख 55 हजार 332 किसानों का पंजीयन पोर्टल में किया गया है। यह पिछले साल से लगभग एक लाख अधिक है। इनमें वे किसान शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल अपना धान बेचा था। इनके अलावा करीब सवा लाख नए किसान हैं जिन्होंने पहली बार पंजीयन करवाया है। राज्य सरकार ने इस साल 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। लिहाजा पंजीयन के हिसाब से सबसे अधिक किसान इस साल धान बेच सकेंगे।
राज्य में हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए धान उपार्जन नीति बनाने के प्रावधान हैं। राज्य में इस साल यह नीति मंत्रीमंडलीय उप समिति को बनानी है। कैबिनेट में नीति के प्रारूप पर विचार करने के बाद उसे मंजूरी दी जाती है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों से समर्थन मूल्य पर सामान्य धान 1940 रुपए और ग्रेड-ए धान 1960 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। साथ ही मक्का 1870 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा।
किसानों में बढ़ा उत्साह
कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्ध हो रही खेती-किसानी के लिए यह एक सुखद भविष्य का संकेत है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता की बागडोर सम्हालते ही किसानों की कर्जमाफी, सिंचाई कर माफी का ऐतिहासिक फैसला लिया। इससे राज्य में खेती-किसानी को एक सम्बल मिला। लोग कृषि की ओर लौटने लगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 10 हजार रुपए की कृषि आदान सहायता राशि मिलने से किसानों का उत्साह बढ़कर दोगुना हो गया।
इस साल 36 लाख 95 हजार 420 हेक्टेयर में धान
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण धान की खेती के पंजीयन का रकबा इस साल 36 लाख 95 हजार 420 हेक्टेयर में धान निर्धारित की गई है। धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था की वजह से पिछले साल पंजीकृत किसानों में से रिकॉर्ड 95.38 फीसदी किसानों ने धान बेचा है। धान बेचने वाले किसानों की संख्या इस साल सबसे ज्यादा रही। इस साल पंजीकृत किसानों में से 21,52,475 किसानों में से 20,53,483 किसानों ने अपना धान बेचा है।
धान खरीदी की तैयारी में जुूटी सरकार
इस साल धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या और धान की रकबे को देखते हुए समर्थन मूल्य पर बीते वर्ष की तुलना में ज्यादा खरीदी का अनुमान है। इसको लेकर राज्य शासन की तरफ से हर संभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। धान उपार्जन के लिए बारदाने की कमी के बावजूद भी सरकार इसके प्रबंध में जुटी है। धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सहूलियत को लेकर सभी व्यवस्थाएं की जा रही है।
वर्ष 2020-21 में धान बेचने वाले किसानों की प्रतिशत 95.38 फीसदी रहा, जो अब तक का सर्वाधिक है।
बता दें कि राज्य में विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए पुख्ता इंतजाम कर रही है। बारदानों की कमी को दूर करने कई वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से बारदानों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
पिछले छह सालों में कितने किसानों ने बेचा धान
2015-16 में 13,17,583 पंजीकृत किसानों में से 11,05,556 किसानों ने बेचा धान
2016-17 में 14,51,088 पंजीकृत किसानों में से 13,27,944 किसानों ने बेचा धान
2017-18 में 15,77,332 पंजीकृत किसानों में से 12,06,264 किसानों ने बेचा धान
2018-19 में 16,96,765 पंजीकृत किसानों में से 15,71,414 किसानों ने बेचा धान
2019-20 में 19,55,544 पंजीकृत किसानों में से 18,38,593 किसानों ने बेचा धान
2020-21 में 21,52,475 किसानों में से 20,53,483 किसानों ने बेचा धान
6 सालों में धान खरीदी
2015-16 में पंजीकृत रकबा 21,26,000 हेक्टेयर और 59 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
2016-17 में पंजीकृत रकबा 23,42,000 हेक्टेयर और 69 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
2017-18 में पंजीकृत रकबा 24,46,000 हेक्टेयर और 56 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
2018-19 में पंजीकृत रकबा 25,60,000 हेक्टेयर और 80 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
2019-20 में पंजीकृत रकबा 26,88,000 हेक्टेयर और 83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
2020-21 में पंजीकृत रकबा 332838 हेक्टेयर और 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
