कांग्रेस सरकार आने के बाद उज्ज्वला योजना छत्तीसगढ़ में डंप
अब केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों का पूरा खर्च उठाएगी
रायपुर। पर्यावरण प्रदुषण को रोकने व वनों की कटाई पर अंकुश लगाने केन्द्र सरकार ने उज्जवला योजना की शुरूआत तो कर दी और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले क्षेत्र में हजारों परिवारों को 200 रुपये में रसोई गैस कनेक्शन भी प्रदान किया गया। शुरूआती कुछ दिनों तक ग्रामीण क्षेत्र के लोग रसोई गैस का उपयोग भी कर रहे थे लेकिन अब अधिकांश परिवार खासकर ग्रामीण क्षेत्र में रसोई गैस सिलेन्डर नहीं ले रहे है, ग्रामीण क्षेत्र में भोजन चुल्हे पर ही तैयार हो रहा है। महंगी गैस सिलेंडर के चलते ग्रामीणों को रसोई गैस का बना भोजन का स्वाद रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र के घरों से धुंआ उठता नजर आता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बेहतर योजना की शुरूआत करते हुए 2016 में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को धुंआ से मुक्ति दिलाना और पर्यावरण प्रदुषण व जंगलों की कटाई को रोकना सहित अन्य कई समस्याएं शामिल है। योजना के तहत मिलने वाले गैस सिलेन्डर का हितग्राही एक बार उपयोग तो कर रहे है, लेकिन कई परिवार दोबारा रिफलिंग नहीं कर पा रहे है इसके पीछे उनकी दिक्कते आर्थिक स्थिति को बताई जाती है। कई ग्रामीण परिवार के सदस्यों ने बताया कि गैस एजेंसी वाले घर तक रसोई गैस छोडऩे आते है लेकिन पैसा नहीं होने के कारण उन्हे खरीदने में परेशानी होती है। जितना पैसा में रसोई गैस मिलता है उतने में स्वंय गांव के नजदीक जाकर लकड़ी एकत्र कर ले आते है। वहीं रसोई गैस से बने भोजन का स्वाद अलग होता है। कई ग्रामीणों को रसोई गैस का बना भोजन का स्वाद रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र के घरों से धुंआ उठता नजर आता है।
आधे से ज्यादा हितग्राही नहीं करा रहे सिलेंडर रिफिल
प्रदेश में कुल 26 लाख 53 हजार 521 उज्जवला योजना के हितग्राही हैं। इनमें से चार साल में आधे से ज्यादा हितग्राहियों ने एक बार भी सिलेंडर रिफिल नहीं कराया है। इतना ही नहीं महज 22 फीसदी लोग ही लगातार इन सिलेंडर को रिफिल करा रहे हैं और इनका निरंतर उपयोग कर रहे हैं। वहीं, तकरीबन 12 लाख हितग्राहियों ने ही कम से कम एक बार सिलेंडर रिफिल कराया है। जिसके बाद कोई भी सिलेंडर रिफिल कराने नहीं पहुंचा है।
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए योजना में किया बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ढाई साल बाद एक बार फिर छत्तीसगढ़ में लौट आया है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों ने योजना में जरूरी बदलाव भी कर दिया है। हितग्राहियों को रसोई गैस कनेक्शन मुफ्त मेें दिया जाएगा। वर्ष 2016-17 में जब केंद्र सरकार ने योजना को देशभर में लागू किया था तब कनेक्शन देते वक्त पहले सिलिंडर की रिफलिंग केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त में दिया जा रहा था। कनेक्शन लेने के लिए जरूरी शुल्क भी केंद्र की तरफ से फ्री था। योजना के शुस्र्आत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्यों से अपील की थी कि गैस चूल्हा सहित अन्य जो खर्च है वह सरकार वहन करे। इससे गरीब हितग्राहियों को मदद मिलेगी और पूरी योजना उनके लिए फ्री हो जाएगी।
राज्य सरकार उठाती थी खर्च
प्रधानमंत्री की अपील का छत्तीसगढ़ सरकार ने फौरीतौर पर अमल किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गैस चूल्हा व पंजीयन का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा करते हुए यह राशि डीएमएफ फंड से देने की बात कही थी। इसके साथ ही गैस चूल्हा व रजिस्ट्रेशन का शुल्क भी हितग्राहियों के लिए फ्री हो गया था। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेेक्शन हितग्राहियों को मुफ्त में मिल रहा था। राज्य की सत्ता पर कांग्रेस के काबिज होने के बाद योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
अब पूरा खर्च वहन करेगी केंद्र सरकार
ढाई साल बाद एक बार फिर योजना को लागू कर दिया गया है। चूल्हे का पैसा राज्य के बजाय केंद्र सरकार वहन करेगी। छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों के लिए योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। वर्ष 2016-17 से 2018 के बीच जिले के डेढ़ लाख हितग्राहियों को फ्री में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश का प्रदेश में एक बार फिर अमल शुरू हो गया है। एजेंसी संचालकों को गैस कनेक्शन देने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल हितग्राहियों को मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन जारी करने के निर्देश मिले है। वर्ष 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर सूची में शामिल पात्र हितग्राहियों को कनेक्शन देने का कार्य शुरू किया गया है। योजना में केंद्र सरकार ने बदलाव कर दिया है। कनेक्शन के साथ ही गैस चूल्हा को भी केंद्र सरकार ने फ्री कर दिया है।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
