संजय दत्त की राजनीतिक ड्रामा फिल्म बीते हफ्ते ओटीटी पर स्ट्रीमिंग शुरू होते ही चर्चा में आ गई है। थिएटर में 15 मई 2026 को रिलीज़ होने के करीब तीन महीने बाद यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर आई और अब घर बैठे दर्शक इसे देख रहे हैं। आखिरी सवाल फिल्म रिव्यू में हम बात करेंगे कि यह फिल्म कहानी, अभिनय और निर्देशन के मोर्चे पर कितनी खरी उतरती है।
कहानी और किरदार एक नजर में
फिल्म की कहानी एक कॉलेज प्रोफेसर और उसके छात्र के बीच वैचारिक टकराव पर टिकी है। संजय दत्त प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी का किरदार निभा रहे हैं, जबकि नमाशी चक्रवर्ती एक ऐसे छात्र की भूमिका में हैं जो अपने प्रोफेसर की विचारधारा को सीधी चुनौती देता है। बहस का केंद्र एक राजनीतिक-सामाजिक संगठन को लेकर इतिहास और विचारधारा से जुड़े सवाल हैं, जो क्लासरूम से निकलकर पूरी फिल्म की रीढ़ बन जाते हैं।
रिव्यू का निचोड़
फिल्म एक स्पष्ट वैचारिक रुख के साथ बनाई गई है, लेकिन उस रुख को पेश करने में बारीकी और संतुलन की कमी महसूस होती है। बहस वाले दृश्य असरदार बन पड़े हैं, फिर भी कहानी बार-बार एकतरफा तर्क की तरफ झुकती नजर आती है, जिससे मध्यांतर के बाद फिल्म की पकड़ ढीली पड़ जाती है।
संजय दत्त अपने अनुभव के दम पर प्रोफेसर के किरदार में गंभीरता और वजन ला पाते हैं, खासकर संवाद अदायगी वाले दृश्यों में उनकी मौजूदगी असर छोड़ती है। नमाशी चक्रवर्ती का प्रदर्शन ठीक-ठाक है, हालांकि किरदार को जितनी परतें मिलनी चाहिए थीं, लेखन उतना गहराई तक नहीं जाता।
निर्देशन के स्तर पर फिल्म कॉलेज कैंपस और बहस के माहौल को असरदार ढंग से रचती है, लेकिन गति के मामले में यह लड़खड़ाती है। कई दृश्य जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए लगते हैं, जिससे मुख्य विषय की धार कमजोर पड़ जाती है।
बॉक्स ऑफिस और दर्शकों की प्रतिक्रिया
थिएटर में फिल्म को सीमित कारोबार मिला और यह करीब 2.89 करोड़ रुपये का कुल कलेक्शन ही जुटा पाई। ओटीटी पर आने के बाद दर्शकों की राय बंटी हुई है—कुछ दर्शक फिल्म के मुद्दे को उठाने के साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ को यह पक्षपाती और एकतरफा नजर आ रही है।
किसे देखनी चाहिए यह फिल्म
अगर आपको राजनीतिक-वैचारिक बहस वाली कहानियां पसंद हैं और संजय दत्त के गंभीर किरदारों के आप फैन हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप संतुलित और बहुआयामी नजरिए वाली पॉलिटिकल ड्रामा की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिल्म आपको थोड़ा निराश कर सकती है।
स्ट्रीमिंग की जानकारी
फिल्म फिलहाल हिंदी भाषा में स्ट्रीमिंग पर उपलब्ध है और आने वाले दिनों में इसके क्षेत्रीय डब वर्जन भी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे इसकी पहुंच और बड़े दर्शक वर्ग तक हो सकेगी।
अस्वीकरण: यह रिव्यू लेखक की व्यक्तिगत राय पर आधारित है। किसी भी फिल्म को देखने का अनुभव हर दर्शक के लिए अलग हो सकता है, इसलिए अपनी पसंद के अनुसार खुद फैसला लें। यह जानकारी प्रकाशन तिथि तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है और समय के साथ इसमें बदलाव संभव है।
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