आम आदमी पार्टी के भीतर संभावित असंतोष की चर्चा उस वक्त तेज हो गई, जब Raghav Chadha को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया गया। उनकी जगह Ashok Mittal को नियुक्त किया गया है।

इस फैसले के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर चुप कराया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि वे आम जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे, चाहे उन्हें बोलने का मंच मिले या नहीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी के अंदर चल रही रणनीतिक या नेतृत्व संबंधी असहमति की ओर इशारा कर सकता है।

वहीं, भाजपा नेता Virendra Sachdeva ने इस फैसले को AAP के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बताया और पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।