आम आदमी पार्टी में आंतरिक मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल Raghav Chadha ने इस्तीफा देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। इस फैसले के साथ Sandeep Pathak और Ashok Kumar Mittal भी पार्टी छोड़ चुके हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसद संवैधानिक प्रावधानों के तहत भाजपा में विलय का रास्ता अपनाएंगे। इस बयान ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। साथ ही Swati Maliwal और पूर्व भारतीय क्रिकेटर Harbhajan Singh के भी इस बदलाव में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

अपने निर्णय को सही ठहराते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी अब अपने मूल आदर्शों से दूर जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन अब जनहित की बजाय व्यक्तिगत लाभ और सीमित राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें यह महसूस हुआ कि उनकी सोच और पार्टी की दिशा में बड़ा अंतर आ चुका है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो Arvind Kejriwal और चड्ढा के बीच बढ़ती दूरी लंबे समय से चर्चा में थी। खासकर उस समय, जब केजरीवाल कानूनी मामलों में व्यस्त थे और चड्ढा विदेश में निजी समय बिता रहे थे, तब से ही रिश्तों में खटास की अटकलें लगाई जा रही थीं।

विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को AAP के अंदरूनी संकट का संकेत मान रहा है, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने इसे सामान्य संगठनात्मक बदलाव बताया है। उनका कहना है कि यह कदम पार्टी में नई जिम्मेदारियों के वितरण का हिस्सा है।

फिलहाल, इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।