दिमाग से जुड़ी बीमारियों की जांच अब तक घंटों लगने वाला काम रहा है. मरीज को कई बार रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. अब एक नई तकनीक ने इस पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है. एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने ऐसा AI सिस्टम तैयार किया है, जो ब्रेन MRI स्कैन को देखकर चंद सेकंडों में डायग्नोसिस दे सकता है. AI ब्रेन एमआरआई डायग्नोसिस से जुड़ी यह तकनीक न्यूरोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है.
AI ब्रेन एमआरआई डायग्नोसिस सिस्टम करता है कैसे काम
इस सिस्टम को लाखों MRI स्कैन और इमेजिंग डेटा पर ट्रेन किया गया है. जैसे ही मरीज की स्कैनिंग पूरी होती है, सिस्टम तुरंत तस्वीरों का विश्लेषण शुरू कर देता है. कुछ ही सेकंडों में यह बता देता है कि दिमाग में किस तरह की समस्या हो सकती है. इसके साथ ही यह यह भी बताता है कि मामला कितना गंभीर है और कितनी जल्दी इलाज की जरूरत है.
टेस्टिंग में मिली कितनी सटीकता
एक साल तक चले बड़े अस्पताल-स्तरीय अध्ययन में इस सिस्टम को हजारों वास्तविक मरीजों के डेटा पर परखा गया. नतीजों में इसकी सटीकता करीब 97.5% तक पाई गई. 50 से ज्यादा तरह की न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान में यह मौजूदा दूसरे AI मॉडलों से बेहतर साबित हुआ. यह नतीजे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित किए गए.
इमरजेंसी केस में कैसे मिलेगी मदद
सबसे बड़ी खासियत यह है कि सिस्टम यह भी सुझाव देता है कि किस मरीज को किस विशेषज्ञ के पास तुरंत भेजा जाना चाहिए. जैसे स्ट्रोक का मामला हो तो न्यूरोलॉजिस्ट को अलर्ट भेजा जा सकता है. इमरजेंसी के मामलों में यह समय बचाकर जान बचाने में मदद कर सकता है.
डॉक्टरों के लिए क्या बदलेगा
इस तकनीक का मकसद डॉक्टरों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी मदद करना है. रेडियोलॉजिस्ट के पास मरीजों की भारी संख्या होने की वजह से रिपोर्ट में देरी होना आम बात है. AI सिस्टम शुरुआती जांच जल्दी करके डॉक्टरों का काफी समय बचा सकता है. इससे गंभीर मामलों की पहचान पहले हो पाएगी.
मरीजों के लिए इसका क्या मतलब है
अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर अस्पतालों में लागू होती है, तो मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. खासकर इमरजेंसी की स्थिति में जल्दी डायग्नोसिस मिलने से इलाज जल्दी शुरू हो सकता है. हालांकि फिलहाल यह तकनीक सीमित अस्पतालों में ही टेस्ट की जा रही है. आम इस्तेमाल तक पहुंचने में अभी कुछ समय लग सकता है.
अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य ज्ञानवर्धन के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है. किसी भी जांच रिपोर्ट को लेकर हमेशा योग्य डॉक्टर से ही सलाह लें.
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