बिहार विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और इसी बीच सियासत गरमा गई है। पटना में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। होटल मौर्या में हुई इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार नहीं बल्कि बड़े राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

सीट बंटवारे पर चर्चा तेज

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में एनडीए के अंदर सीटों के बंटवारे पर गंभीर मंथन हुआ। बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट शेयरिंग का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। शाह और नीतीश की यह बातचीत गठबंधन की मजबूती और एकजुटता का संदेश देती है।

शाह का दो दिवसीय बिहार दौरा

अमित शाह इन दिनों दो दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भेंट की और उसके बाद उनकी व्यस्तताओं का सिलसिला शुरू हो गया। शाह डेहरी और बेगूसराय में 20 जिलों के बीजेपी नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का मकसद है – प्रत्याशियों के चयन, बूथ स्तर पर रणनीति और जमीनी संगठन की मजबूती पर विस्तृत विचार करना।

5 दिन पहले आए थे नड्डा

चुनाव से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बिहार दौरे पर आए थे, लेकिन नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी। इस लिहाज़ से शाह-नीतीश की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक चुनावी साझेदारी की दिशा तय कर सकती है।

कार्यकर्ताओं के लिए जीत का फॉर्मूला

अमित शाह की बैठकों का फोकस पार्टी कार्यकर्ताओं को “जीत का फॉर्मूला” देना है। वे बूथ स्तर के मैनेजमेंट को बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं और इसी को आधार बनाकर कार्यकर्ताओं को रणनीति समझाएंगे। उनके दौरे से पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है।

पीएम मोदी के दौरे के बाद और रफ्तार

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे पर आए थे और राज्य को कई सौगातें दी थीं। उस दौरे के बाद अब अमित शाह की सक्रियता ने चुनावी तैयारियों को और गति दे दी है। लगातार हो रही इन बैठकों से साफ है कि एनडीए बिहार चुनाव में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहता।

सियासी हलचल और कयास

अमित शाह और नीतीश कुमार की मुलाकात को लेकर विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। कुछ इसे औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि यह चुनावी रणनीति का निर्णायक कदम है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले दिनों में इस बैठक के नतीजे साफ नज़र आने लगेंगे।