नयी दिल्ली। अदालत ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ मामले में रियल एस्टेट व्यवसायी सुशील और गोपाल अंसल को अदालत ने दोषी ठहराया है. 13 जून 1997 को बॉर्डर फिल्म के शो के दौरान सिनेमा हॉल में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई थी.उपहार सिनेमा अग्निकांड में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ करने के मामले में सुशील और गोपाल अंसल को सात साल कैद की सजा सुनाई है. और अदालत ने सुशील और गोपाल अंसल पर सवा दो दो करोड़ का जुर्माना भी लगाया है.

अदालत ने इस मामले में आठ अक्टूबर को अंसल बंधुओं, अदालत के एक पूर्व कर्मचारी दिनेश चंद शर्मा और पी. पी. बत्रा तथा अनूप सिंह को दोषी करार दिया था. अन्य दो आरोपियों हरस्वरूप पंवार और धर्मवीर मल्होत्रा की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गयी थी.

एवीयूटी अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज किया गया. यह मामला अग्निकांड के साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का है जिसमें उच्चतम न्यायालय ने अंसल बंधुओं को दोषी करार देते हुए उन्हें दो-दो साल कारावास की सजा सुनायी थी.