संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एजेंडे में भारत का योगदान निरंतर महत्वपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने इसे वैश्विक शक्ति संतुलन में उभरते रुझान से जोड़ा, जहां विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भागीदारी बढ़ रही है।

संयुक्त राष्ट्र में नेतृत्व भूमिका
गुटेरेस ने उल्लेख किया कि शांति-सुरक्षा, सतत विकास लक्ष्यों और मानवाधिकार जैसे विषयों पर भारत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान बहुपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के प्रयासों को भी उन्होंने सकारात्मक बताया।

शांति मिशनों में भागीदारी
महासचिव के अनुसार, लगभग 5000 भारतीय सैन्य और पुलिस कर्मी संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनात हैं। वर्ष 2007 में लाइबेरिया में पूर्ण महिला पुलिस इकाई की तैनाती को यूएन इतिहास में एक उल्लेखनीय पहल माना गया।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में जी7 देशों की हिस्सेदारी क्रमशः घट रही है, जबकि भारत जैसे देशों की भागीदारी बढ़ रही है। इसे उन्होंने संतुलित वैश्विक व्यवस्था की दिशा में संकेत बताया।

संस्थागत सुधार की आवश्यकता
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए गुटेरेस ने कहा कि वर्तमान ढांचा समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को पूर्णतः प्रतिबिंबित नहीं करता। हालांकि, 193 सदस्य देशों वाली महासभा में समान प्रतिनिधित्व को उन्होंने यूएन की प्रमुख विशेषता बताया।

वे शीघ्र ही भारत का दौरा करेंगे और राष्ट्रपति Droupadi Murmu तथा प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात करेंगे।