एशियाड टीम चयन

एशियाई खेलों के लिए एशियाड टीम चयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वेटलिफ्टिंग में लवप्रीत सिंह को जगह नहीं मिली है। वहीं, ऋषिकांत सिंह के चयन पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकांत चोट के कारण राष्ट्रीय शिविर में शामिल नहीं हुए। दूसरी ओर, लवप्रीत शिविर में लगातार तैयारी कर रहे थे।

लवप्रीत ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पुरुषों के 110 किलोग्राम से अधिक वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया था। इस प्रदर्शन में उन्होंने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी बनाया था।

लवप्रीत के बाहर होने से बढ़ा विवाद

लवप्रीत सिंह को एशियाई खेलों की टीम से बाहर रखा गया है। उनके नाम पर चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मई में एशियाई चैंपियनशिप में वह पांचवें स्थान पर रहे थे। इसके बावजूद उनका हालिया प्रदर्शन मजबूत रहा है।

ग्लासगो में लवप्रीत ने 176 किलोग्राम का स्नैच उठाया। इसके बाद उन्होंने 212 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क किया। उनका कुल स्कोर 388 किलोग्राम रहा। वह स्वर्ण पदक से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रहे।

ऋषिकांत के चयन पर क्यों उठे सवाल?

रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषिकांत सिंह ग्लासगो में चोटिल हुए थे। उन्हें आराम की सलाह दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद वह मोदीनगर के राष्ट्रीय शिविर में शामिल नहीं हुए।

इसके बावजूद उन्हें एशियाई खेलों के दल में जगह मिली। यही बात एशियाड टीम चयन को लेकर सबसे बड़ा सवाल बन रही है। हालांकि, उनकी आधिकारिक फिटनेस स्थिति और चयन का पूरा आधार संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट होना बाकी है।

ग्लासगो में ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था। वह भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के प्रमुख पदक विजेताओं में शामिल रहे।

टेनिस में भी कई बड़े नाम बाहर

विवाद का असर केवल वेटलिफ्टिंग तक सीमित नहीं है। टेनिस टीम में भी कई प्रमुख खिलाड़ियों के नाम हटाए जाने की बात सामने आई है। इनमें सहजा यामलापल्ली का नाम भी शामिल बताया गया है।

वैष्णवी अडकर, वैदेही चौधरी और प्रार्थना थोंबारे को भी जगह नहीं मिली। पुरुष खिलाड़ी मानस धामने का नाम भी सूची से बाहर बताया गया है। इससे टेनिस से जुड़े लोगों में नाराजगी की स्थिति बनी है।

जूडो और रोइंग में भी कटौती

जूडो टीम में भी खिलाड़ियों की संख्या घटने की बात सामने आई है। राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्ट में हर्ष सिंह और उन्नति शर्मा का उल्लेख किया गया है।

रोइंग में भी कुछ पदक विजेता खिलाड़ियों को दल से बाहर किए जाने की बात कही गई है। इससे विभिन्न खेल महासंघों और खिलाड़ियों के बीच असंतोष बढ़ने की खबर है।

504 के प्रस्ताव से घटकर 492 खिलाड़ी

भारतीय ओलंपिक संघ ने खेल मंत्रालय के सामने 504 खिलाड़ियों का प्रस्ताव रखा था। रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने 492 खिलाड़ियों को मंजूरी दी है। इस कटौती का प्रभाव कई खेलों पर पड़ा है।

एशियाड टीम चयन में खिलाड़ियों की संख्या घटने से कई स्पर्धाओं की टीम प्रभावित हुई है। सर्फिंग की चार सदस्यीय टीम को भी मंजूरी नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा मॉडर्न पेंटाथलन और ट्रायथलन के नाम भी हटाए जाने का उल्लेख है।

चयन प्रक्रिया पर पारदर्शिता की मांग

खेल टीमों के चयन में प्रदर्शन और फिटनेस अहम आधार होते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को बाहर रखने के कारण स्पष्ट होना जरूरी है। इससे चयन प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब मिल सकता है।

खासकर एशियाड टीम चयन में चोटिल खिलाड़ी के चयन और फिट खिलाड़ियों के बाहर होने का मुद्दा महत्वपूर्ण है। संबंधित संस्थाओं की ओर से स्पष्ट जानकारी आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।

चयन विवाद से जुड़े प्रमुख बिंदु

  • लवप्रीत सिंह को एशियाई खेलों की टीम में जगह नहीं मिली।
  • ऋषिकांत सिंह के चयन पर फिटनेस को लेकर सवाल उठे।
  • टेनिस में कई प्रमुख खिलाड़ियों के नाम हटाए गए।
  • जूडो और रोइंग टीमों में भी कटौती की गई।
  • सर्फिंग टीम को मंजूरी नहीं मिलने की बात सामने आई।

लवप्रीत का हालिया प्रदर्शन क्यों अहम?

लवप्रीत सिंह का ग्लासगो प्रदर्शन उनके पक्ष में मजबूत आंकड़ा है। उन्होंने 388 किलोग्राम का कुल भार उठाकर रजत जीता था। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम उठाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की थी।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की वेटलिफ्टिंग टीम ने कुल आठ पदक जीते। इनमें लवप्रीत का रजत भी शामिल था। ऋषिकांत सिंह ने भी 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था।

अब चयन पर नजर

एशियाई खेलों की तैयारियां आगे बढ़ने के साथ चयन विवाद भी महत्वपूर्ण रहेगा। खिलाड़ियों और महासंघों की आपत्तियों पर अब संबंधित संस्थाओं का रुख अहम होगा। अंतिम टीम में किसी बदलाव की स्थिति पर भी नजर रहेगी।

एशियाड टीम चयन को लेकर उठे सवालों के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। अब उम्मीद है कि चयन प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों पर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।


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