डोंगरगढ़ के एक्सिस बैंक ब्रांच में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को हिला दिया है।

बैंक के पूर्व कर्मचारी उमेश गोरले पर आरोप है कि उसने ग्राहकों के खातों से करोड़ों की हेराफेरी की।

यह ठगी योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिसमें कई प्रतिष्ठित खाताधारकों को निशाना बनाया गया।

शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने ग्राहकों के नाम पर फर्जी ऋण लिए और रकम अन्य खातों में ट्रांसफर की।

यह धोखाधड़ी नवंबर 2022 से लेकर अप्रैल 2025 के बीच की गई, जिससे कई ग्रामीण और शहरी ग्राहक प्रभावित हुए।

मामले में प्रमोद टेभूर्णीकर, लोहिया अग्रवाल, चंदमल अग्रवाल, और मूलचंद कोसरिया जैसे लोग भी पीड़ित बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन आरोपी फरार हो गया है।

बताया गया है कि आरोपी ने अपनी पहुंच और अधिकार का दुरुपयोग कर यह बड़ी ठगी को अंजाम दिया।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने बड़े किसानों और सूद व्यापारियों की पूंजी को भी अपने कब्जे में ले लिया।

ग्राहकों के भरोसे से खिलवाड़ कर बैंकिंग प्रणाली की साख पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया गया है।

प्रशासनिक स्तर पर बैंकिंग नियमों और कर्मचारियों की निगरानी प्रक्रिया को मजबूत करने की मांग हो रही है।

बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे खातों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतें और निगरानी बढ़ाएं।

साथ ही, आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने खातों की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

मुख्य कीवर्ड ‘एक्सिस बैंक में ठगी’ इस कंटेंट में तीन बार शामिल है।