रायपुर। प्रदेश की राजधानी से लगे नवा रायपुर के 27 गांवों की जमीनों की खरीदी बिक्री से रोक हटा दी गई है। इसके साथ ही ग्रामीण बसाहट का आवासीय पट्टा और प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को रोजगार देने समेत अधिकांश मांगों को सरकार ने मान लिया है। मंत्री मो अकबर ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि नवा रायपुर में जो किसान जहां बसा है उसे वहीं पात्रता के मुताबिक 1200 से 2500 वर्गफीट जमीन का पट्‌टा दिया जाएगा।

वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि पिछले दो माह से नई राजधानी प्रभावित किसानों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। किसानों ने जो मांगें रखी थी उनमें से अधिकांश मांगें पूरी कर दी गई है। मंत्री अकबर ने किसानों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है।

मंत्री अकबर ने आगे बताया कि सरकार ने ये भी तय किया है कि ऐसे 285 मामले जिन्हें ऑडिट की वजह से जमीन के बदले मिलने वाली सालाना राशि 15 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से नहीं मिल रही थी, उन्हें भी ये राशि दी जाएगी। मंत्री अकबर ने बताया कि सरकार की गठित की गई कमेटी में वे स्वयं, मंत्री रविंद्र चौबे और शिव डहरिया थे, हमने किसानों से बात की और प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। अब अपील है कि किसान अपना आंदोलन बंद करें।

मंत्री अकबर ने कहा कि नवा रायपुर प्रभावित किसानों ने रोजगार की बात की थी। NRDA में निविदा पर जो विकास कार्य के प्रोजेक्ट दिए जा रहे हैं, हम उसमें शर्त शामिल कर रहे हैं कि 60 प्रतिशत स्थानीय लोगों को काम दें। इसके अलावा 13 गांवों के जमीन खरीदी-बिक्री रोक को भी हटाने का फैसला लिया गया है।