रायपुर, 31 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक निजी चैनल के साक्षात्कार में नक्सलवाद को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाली सोच को समाज में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, लंबे समय तक नक्सली हिंसा ने बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रभावित किया। अब सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकारी योजनाओं के साथ क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहा है। बस्तर में शांति स्थापित होने से विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
हिंसा के महिमामंडन पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचार रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है। हालांकि, निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों को आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में भी बाधाएं आईं। ऐसे में हिंसा के जिम्मेदार लोगों का महिमामंडन पीड़ित परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज करता है।
बस्तर में शांति के लिए सामाजिक जिम्मेदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद केवल सुरक्षा से जुड़ी चुनौती नहीं है। हिंसा को वैचारिक समर्थन देने वाली सोच भी गंभीर विषय है। समाज को ऐसी मानसिकता से दूरी बनानी होगी।
उनके अनुसार, बस्तर में शांति को स्थायी बनाने के लिए सुरक्षा के साथ सामाजिक विश्वास भी जरूरी है। विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
बदल रही है बस्तर की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब विकास की गतिविधियां तेज हो रही हैं। कई क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। दूरस्थ गांवों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास भी जारी है।
वहीं, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे नई पीढ़ी को अपने भविष्य के लिए बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के हाथों में किताब और कौशल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवा हिंसा से दूर रहकर शिक्षा और रोजगार को अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के आदर्श शिक्षा, सेवा, मेहनत और नवाचार से समाज को आगे बढ़ाने वाले लोग होने चाहिए। बस्तर में शांति का लाभ युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में भी मिलना चाहिए।
विकास और लोकतंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं था। इसका लक्ष्य बस्तर के भविष्य को सुरक्षित करना भी था।
सुरक्षाबलों के योगदान के साथ स्थानीय लोगों का साहस भी महत्वपूर्ण रहा है। अब सरकार क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
प्रमुख प्राथमिकताएं
- शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत करना।
- दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाएं पहुंचाना।
- युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर देना।
- बस्तर में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
कुल मिलाकर, बस्तर में शांति के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नए छत्तीसगढ़ में हिंसा के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास को प्राथमिकता मिलेगी। बस्तर में शांति को स्थायी बनाना सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।
मुख्य बातें
- युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार को प्राथमिकता बताया।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद पर विचार साझा किए।
- हिंसा का समर्थन करने वाली मानसिकता पर चिंता जताई।
- बस्तर में विकास कार्यों को मिल रही गति का उल्लेख किया।
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