यूपी चुनाव के वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाने के बाद कार्यकर्ताओं को किया सक्रिय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की सहायता के लिए नियुक्त किया है। ओबीसी के मजबूत नेता के रूप में उभरे भूपेश बघेल ने पार्टी के एक सहयोगी द्वारा उन्हें सत्ता से बेदखल करने के प्रयास को विफल कर दिया है। सीएम बघेल के बारे में ऐसा माना जाता है कि वह मतदाता की नब्ज जानते हैं और कांग्रेस इसे भुनाने की उम्मीद करती है।

उत्तरप्रदेश में कांग्रेस प्रियंका गांधी के नेतृत्व में लड़ रही है। यूपी चुनाव में पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद यूपी में पार्टी की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाए जाने के बाद, कांग्रेस की ताकत में सुधार हुआ है। पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। जब प्रियंका की नियुक्ति हुई, तब पार्टी बहुत सक्रिय नहीं थी और नेताओं ने खुद को बयान जारी करने तक ही सीमित रखा। हालांकि उनके आने के बाद स्थिति बदल गई है। वह उन लोगों के लिए लड़ रही हैं जिन्हें न्याय से वंचित किया गया है। सोनभद्र में जब जुलाई में 10 लोग मारे गए थे, वहां भी गई और उन्हें हिरासत में लिया गया था। हाथरस के रास्ते में उसे कैसे रोका गया, यह सभी ने देखा। लखीमपुर खीरी कांड के बाद उन्हें चार दिनों तक हिरासत में रखा गया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने एक रोडमैप तैयार किया है।

राहुल गांधी हमारे निर्विवाद नेता

राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाने को लेकर उन्होंने कहा, राहुल गांधी हमारे निर्विवाद नेता हैं। वह लोगों के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार को हमेशा चुनौती दी है। राहुल गांधी के द्वारा कई मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष के नेता के रूप में पूरे देश को उन पर विश्वास है।

नेतृत्व परिवर्तन पर सीएम का बयान

छत्तीसगढ़ में मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा मुख्यमंत्री पद में बदलाव की मांग उठाते हुए ढाई-ढाई साल की बात कही है। इस मुद्दे पर राहुल गांधी से चर्चा की गई। क्या छत्तीसगढ़ में नेतृत्व का सवाल सुलझ गया के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया पहले ही बयान दे चुके हैं। उन्होंने बहुत स्पष्ट बयान दिया है। मुझे नहीं लगता कि इसमें मुझे कुछ जोड़ने की कोई जरूरत है।

कांग्रेस यूपी में बूथ स्तर तक पहुंची

जब उनसे यह पूछा गया कि लोगों में यह धारणा है कि यूपी में कांग्रेस पार्टी एक प्रमुख खिलाड़ी नहीं है? इस धारणा को बदलने के लिए आपके पास क्या योजना है? इस पर सीएम बघेल ने कहा कि चुनाव से पहले राज्य भर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। ये कार्यक्रम पंचायत और जिला स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से हमने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को आकर्षित किया है। नए कार्यकर्ता बनाए हैं। पहले लोग कहते थे कि कांग्रेस के पास जमीन पर कार्यकर्ता नहीं हैं। प्रियंका की नियुक्ति के बाद पंचायत स्तर से लेकर ऊपर तक कमेटियां बनाने में कांग्रेस कामयाब रही है।

यूपी में कांग्रेस इन मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव

भूपेश बघेल से जब यह पूछा गया कि आप योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रदर्शन को किस तरह देखतें हैं? वहां पर कांग्रेस किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। इस पर उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कई वादे किए थे, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया लेकिन कुछ नहीं हुआ। उनकी आय बढ़ाने की बजाय, किसानों का विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा कथित तौर पर उन्हें कुचल भी दिया गया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दबाव बनाने के बाद ही कुछ कार्रवाई की गई। उत्तर प्रदेश के किसानों को न्याय नहीं मिल रहा है। रोजगार की स्थिति दयनीय है। सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में भी नाकाम रही है। इन सभी मुद्दों को उठाएंगे जिनका लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। आदित्यनाथ सरकार हर क्षेत्र में विफल रही है।

कांग्रेस संघर्ष कर आगे बढ़ रही

मुख्यमंत्री भूपेश से जब ये पूछा गया कि यह आम धारणा बन चुकी है कि कांग्रेस पार्टी संकट में है, वह चुनाव नहीं जीत सकती या भाजपा का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं कर सकती। इस पर उन्होंने कहा कि जब कोई पार्टी सत्ता से बाहर होती है, तो लोग इस तरह के कमेंट करते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। सभी पार्टियों ने इसका सामना किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब सत्ता से बाहर होती है, तो संघर्ष कर आगे बढ़ती है। ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा सुनते थे, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। हमने राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पंजाब प्रदेशों में जीत हासिल की। महाराष्ट्र और झारखंड सरकार में सहयोगी हैं। गुजरात में पिछले विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दी है।