बीरगांव किसान मजदूर सम्मान

रायपुर, 17 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीरगांव के कार्यक्रम में शामिल हुए। बीरगांव किसान मजदूर सम्मान समारोह में किसान और श्रमिकों के योगदान पर चर्चा हुई। भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की गई। साथ ही, 76 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का भी उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से घरों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने इसे सेवा और जनभागीदारी से जोड़ा।

बीरगांव किसान मजदूर सम्मान में श्रम पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने किसान और श्रमिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के श्रम से अन्न का उत्पादन होता है। वहीं, श्रमिक निर्माण और उद्योगों को आगे बढ़ाते हैं।

भगवान विश्वकर्मा को कौशल और निर्माण का प्रतीक बताया गया। मुख्यमंत्री ने श्रम के सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ में किसान और श्रमिक अहम भागीदार हैं।

इसके अलावा, कारीगर और शिल्पकारों के योगदान का भी उल्लेख हुआ। उनके कौशल से कई काम आगे बढ़ते हैं। इसलिए श्रम और हुनर का सम्मान जरूरी है।

बीरगांव किसान मजदूर सम्मान में 76 प्रतिभाओं को सम्मान

समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मान मिला। इनमें कला, साहित्य और समाजसेवा से जुड़े लोग शामिल रहे। खेल और विज्ञान क्षेत्र की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

कुल 76 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर रहा।

श्रमिक परिवारों के लिए योजनाओं की जानकारी

मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने पंजीकृत श्रमिकों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी जोर दिया गया। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का उल्लेख करते हुए 200 बच्चों की जानकारी दी गई। इन बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।

इसके अलावा, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही गई। ई-रिक्शा के जरिए आय का साधन देने का उल्लेख हुआ। इससे श्रमिक परिवारों को आर्थिक अवसर मिलने की बात कही गई।

किसानों की आय और सिंचाई पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने किसान की समृद्धि को गांव की तरक्की से जोड़ा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। इसकी दर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई। साथ ही, दो वर्षों के लंबित धान बोनस का भी उल्लेख किया गया।

वहीं, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी गई। कई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की बात कही गई। इससे खेती के लिए पानी की सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य बताया गया।

किसानों और श्रमिकों को विकास से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विकास किसानों और श्रमिकों की मेहनत से जुड़ा है। बीरगांव किसान मजदूर सम्मान समारोह में इसी योगदान को प्रमुखता दी गई।

उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति मजबूत होना जरूरी है। साथ ही, श्रमिक परिवारों को सुरक्षा और अवसर मिलना चाहिए। इसी आधार पर विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगे बढ़ाने की बात कही गई।

बीरगांव में 175 करोड़ रुपये के विकास कार्य

बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में करीब 175 करोड़ रुपये के काम हुए हैं।

इन कार्यों में सड़क और पेयजल से जुड़े काम शामिल हैं। स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था पर भी काम किया गया है। इससे नगरीय सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास बताया गया।

इसके साथ ही, क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार नए विकास कार्य जारी रखने की बात कही गई। शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने महतारी वंदन योजना की जानकारी दी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देने की बात कही गई।

इसके अलावा, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल का उल्लेख हुआ। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना बताया गया।

साथ ही, परिवार के निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। आर्थिक अवसरों को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।

‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री ने विशेष अपील की। उन्होंने प्रदेशवासियों से घरों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने इसे सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा पूजा के साथ किसान और श्रमिकों के योगदान पर चर्चा हुई। बीरगांव किसान मजदूर सम्मान समारोह इसी विषय पर केंद्रित रहा।

बीरगांव में सम्मान और विकास दोनों मुद्दे प्रमुख

कार्यक्रम में 76 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इसके अलावा, बीरगांव के विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई।

मुख्यमंत्री ने किसान और श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। साथ ही, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर भी बात रखी।

कुल मिलाकर, बीरगांव किसान मजदूर सम्मान कार्यक्रम में सम्मान, श्रम और विकास से जुड़े मुद्दे सामने आए।

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