राजनांदगांव में पुलिस ने चैकिंग के दौरान भाजपा नेता के पास से अवैध शराब जब्त की है। जानकारी के अनुसार आज सर्चिंग पर निकली पुलिस ने कुछ असामाजिक तत्व सहित शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।

नशे की लत में लोग अपराध की ओर बढ़ते जा रहे हैं, जिसे रोकने के लिए पुलिस द्वारा शहर में नशाखोरों के खिलाफ चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा। इसी कड़ी में पुलिस ने भाजपा नेता के पास से करीब 5 से 7 पौवा शराब जब्त की है। पूछताछ में पता चला कि बीजेपी नेता और उसका दोस्त शराब लेकर आए हैं। बीजेपी नेता ने बताया कि वह शराब बेचने का काम नहीं करता।

हिदायत देकर पुलिस ने छोड़ा

पुलिस ने फिलहाल बीजेपी नेता को हिदायत देकर छोड़ दिया है। पुलिस ने उसे चेतावनी देते हुए कहा कि दोबारा शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया बीजेपी नेता भाजपा कार्यालय में सक्रिय रहता है और पहले भी इस नेता के पास से शराब बरामद हुई थी। लेकिन उस समय भाजपा का शासन था, इसलिए मामला रफा-दफा हो गया था।

विरोध भी संरक्षण भी

इसे हम विडंबना ही कह सकते हैं कि राजनीति से जुड़े लोग भी शराब बेचने का काम कर रहे हैं। और ये आज से नहीं बल्कि कई सालों से चलता आ रहा है। इसके बाद भी नेता अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए अवैध शराब का विरोध करते हैं और दूसरी ओर उन्हीं लोगों को छोड़ने के लिए नीचे से लेकर ऊपर तक के नेता अपराधी को छुड़ाने के लिए फोन करते हैं। राजनीतिक पहुंच के चलते अवैध शराब बेचने वाला छूट जाता है। अगर अवैध शराब को बेचवाना ही है तो फिर ये विरोध, धरना, ज्ञापन ये सब दिखाना किसलिए ? इसका साफ मतलब है कि एक तरफ बीजेपी शराब का विरोध कर रही है, तो दूसरी तरफ अवैध शराब तस्करी को संरक्षण भी दे रही है।