टेलर का रिकॉर्ड

जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर ने वनडे क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि हासिल की। टेलर का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के लंबे वनडे करियर से आगे निकल गया।

टेलर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे में मैदान पर उतरे। इसके साथ उनका वनडे करियर 22 साल चार महीने का हो गया। तेंदुलकर का वनडे करियर 22 साल तीन महीने तक चला था।

यह उपलब्धि टेलर के लंबे क्रिकेट सफर को दर्शाती है। उन्होंने जिम्बाब्वे क्रिकेट में अहम योगदान दिया है।

टेलर का रिकॉर्ड बना सबसे लंबे करियर का गवाह

ब्रेंडन टेलर ने अप्रैल 2004 में वनडे डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए लगातार कई अहम पारियां खेलीं।

टेलर ने अब तक 207 वनडे मुकाबले खेले हैं। उनके नाम 6,704 रन दर्ज हैं। उन्होंने 11 शतक और 39 अर्धशतक भी लगाए हैं।

उनका वनडे में सर्वश्रेष्ठ स्कोर 145 रन रहा है। वह जिम्बाब्वे के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं।

तेंदुलकर के कौन से रिकॉर्ड अब भी कायम

सचिन तेंदुलकर ने दिसंबर 1989 में वनडे करियर शुरू किया था। उन्होंने मार्च 2012 में इस प्रारूप से संन्यास लिया।

तेंदुलकर ने कुल 463 वनडे मैच खेले। उनके नाम 18,426 रन दर्ज हैं। वह अब भी वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

इसके अलावा, सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने का रिकॉर्ड भी तेंदुलकर के नाम है। इसलिए टेलर ने केवल करियर अवधि का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है।

वनडे करियर से जुड़े प्रमुख आंकड़े:

  • ब्रेंडन टेलर ने 207 वनडे मैच खेले हैं।
  • उनके नाम 11 वनडे शतक दर्ज हैं।
  • टेलर ने वनडे में 39 अर्धशतक लगाए हैं।
  • उनका सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 145 रन है।
  • तेंदुलकर ने 463 वनडे मैच खेले हैं।

संन्यास के बाद फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे

ब्रेंडन टेलर ने 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद उनके करियर में बड़ा बदलाव आया।

2022 में आईसीसी ने उन पर साढ़े तीन साल का प्रतिबंध लगाया। यह कार्रवाई एंटी-करप्शन और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन से जुड़ी थी।

प्रतिबंध पूरा करने के बाद टेलर ने 2025 में वापसी की। उन्होंने इसके बाद जिम्बाब्वे के लिए फिर वनडे क्रिकेट खेलना शुरू किया।

जिम्बाब्वे के लिए बेहद खास रहा टेलर का योगदान

टेलर ने 2004 के बाद जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को मजबूती दी। उन्होंने लंबे समय तक टीम की जिम्मेदारी संभाली।

वह जिम्बाब्वे के लिए वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके अनुभव का टीम को कई मौकों पर फायदा मिला।

टेलर के करियर की अहम उपलब्धियां:

  • 2004 में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया।
  • जिम्बाब्वे के लिए 11 वनडे शतक लगाए।
  • 2021 में संन्यास की घोषणा की।
  • 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की।
  • 2026 में सबसे लंबे वनडे करियर का रिकॉर्ड बनाया।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वापसी ने बनाया पल खास

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे में खेला गया मुकाबला टेलर के लिए खास रहा। मैदान पर उतरते ही उन्होंने नया रिकॉर्ड अपने नाम किया।

टेलर का रिकॉर्ड अब पुरुष वनडे क्रिकेट में सबसे लंबे करियर से जुड़ गया है। उनकी यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दुर्लभ मानी जा रही है।

हालांकि, तेंदुलकर के कई बड़े आंकड़े अब भी बरकरार हैं। टेलर के लिए यह उपलब्धि उनके लंबे करियर की खास पहचान बनी है।

अनुभव के साथ आगे बढ़ रहा जिम्बाब्वे क्रिकेट

जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को मौका दिया। टेलर और ग्रेम क्रेमर की वापसी से टीम को अनुभव मिला।

इसके अलावा, सिकंदर रजा टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। जिम्बाब्वे की नजर भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर भी है।

कुल मिलाकर, टेलर ने अपने लंबे वनडे सफर को ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल दिया। तेंदुलकर के रिकॉर्ड तक पहुंचना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है।


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