रायपुर, 30 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रवृत्ति के रूप में उभरकर सामने आया है। इन विद्यालयों ने शत-प्रतिशत सफलता के साथ न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मानक स्थापित किया है, बल्कि राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य में एक प्रभावी हस्तक्षेप के रूप में अपनी भूमिका को भी सुदृढ़ किया है।
विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखा जाए तो प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों का टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करना एक संरचित शैक्षणिक प्रणाली के सफल क्रियान्वयन का संकेत है। कक्षा 10वीं की छात्रा कु. दीपांशी द्वारा 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान अर्जित करना इस प्रदर्शन का प्रमुख उदाहरण है। इसके अतिरिक्त, कक्षा 12वीं में 128 विद्यार्थियों का प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित 17 प्रयास विद्यालयों में विशेष रूप से वंचित एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाती है। इन संस्थानों में निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। यह समेकित मॉडल विद्यार्थियों को केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित न रखकर उन्हें उच्च शिक्षा और करियर के लिए तैयार करता है।
आंकड़ों के अनुसार, रायपुर स्थित गुडियारी प्रयास विद्यालय की 19 छात्राओं द्वारा 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करना तथा जीव विज्ञान विषय में पूर्णांक प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि विषय-विशेष दक्षता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाईस्कूल स्तर पर भी 48 छात्राओं का 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना व्यापक शैक्षणिक सुधार को इंगित करता है।
नीतिगत दृष्टिकोण से यह उपलब्धि राज्य सरकार की लक्षित शैक्षणिक योजनाओं की प्रभावशीलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं संबंधित मंत्रियों द्वारा इस सफलता को प्रयास मॉडल की पुष्टि के रूप में देखा गया है।
निष्कर्षतः, प्रयास विद्यालयों का यह परिणाम न केवल वर्तमान शैक्षणिक उपलब्धि है, बल्कि यह भविष्य की शिक्षा नीति निर्माण के लिए एक व्यवहारिक एवं पुनरुत्पादनीय मॉडल भी प्रस्तुत करता है, जिसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
