छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की सुविधा बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए धान खरीदी व्यवस्था में विस्तार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विकास करने और खेती की लागत कम करने को सरकार की प्राथमिकता बताया।
सरकार की घोषणा के अनुसार, 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए 360 नए खरीदी केंद्र खोलने का फैसला लिया गया है। इन केंद्रों से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलने और मौजूदा केंद्रों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान की खरीदी
राज्य सरकार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े, इस उद्देश्य से नए खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026 के तहत प्रस्तावित 360 नए केंद्र किसानों का समय और मेहनत बचाने में मदद कर सकते हैं। इससे खरीदी केंद्रों पर भीड़ कम करने और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में भी सहायता मिलने की संभावना है।
सरकार का कहना है कि किसानों को धान बेचने के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। हालांकि, केंद्रों की स्थानवार सूची और खरीदी से संबंधित विस्तृत नियमों के लिए आधिकारिक सूचना देखना आवश्यक होगा।
किसानों की आय बढ़ाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खेती छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। इसलिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना ग्रामीण विकास के लिए भी जरूरी है।
सरकार का जोर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, खेती की लागत कम करने और कृषि संबंधी सुविधाओं में सुधार करने पर है। आधुनिक तकनीक, कृषि अनुसंधान और बेहतर खेती की पद्धतियों को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह में किसानों का सम्मान
रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने वाले किसान दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं। ऐसे किसानों को सम्मानित करने से उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
इसके अलावा, करीब 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं से सिंचित क्षेत्र में लगभग 76 हजार हेक्टेयर की वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई है।
इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य अधिक खेतों तक पानी पहुंचाना और कृषि की वर्षा पर निर्भरता कम करना है।
किसान क्रेडिट कार्ड से कृषि ऋण में राहत
समारोह में मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की उपयोगिता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था ने किसानों को खेती के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में सहायता दी है।
उन्होंने कृषि ऋण पर ब्याज का बोझ कम करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जिक्र किया। सस्ती ऋण सुविधा से किसानों को बीज, खाद और खेती के अन्य आवश्यक खर्चों की व्यवस्था करने में मदद मिल सकती है। किसानों को संबंधित योजनाओं का लाभ पात्रता और लागू नियमों के अनुसार मिलता है।
मनहरण लाल पाण्डेय के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जनसेवा और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को याद किया। उन्होंने खेती-किसानी और सिंचाई सुविधाओं के विकास में उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्मृति संस्थान के सदस्य और प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित रहे।
किसानों को इन घोषणाओं से क्या लाभ मिल सकता है?
सरकार की घोषित पहलों से किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
- खरीदी केंद्रों का विस्तार: उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है।
- सिंचाई सुविधाओं में सुधार: पुरानी परियोजनाओं के जीर्णोद्धार से पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।
- कृषि ऋण की सुविधा: पात्र किसानों को खेती के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिल सकती है।
- आधुनिक खेती को प्रोत्साहन: नए प्रयोग और तकनीक अपनाने से कृषि उत्पादकता बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने, सिंचाई संसाधनों का विस्तार करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। नए खरीदी केंद्रों की स्थापना और सिंचाई परियोजनाओं का विकास किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026 के अंतर्गत 15 नवंबर से प्रस्तावित खरीदी और 360 नए केंद्रों की घोषणा राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सुविधाएं समय पर शुरू हों और पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।
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