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छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देने के लिए बोनस की गणना का आधार बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से इस पहल को आगे बढ़ाया गया। अब गन्ने की खरीदी के लिए 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर को आधार बनाया जाएगा।

इस फैसले से पेराई सत्र 2025-26 में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को गन्ना बेचने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। कारखाने से जुड़े 14,961 किसानों को करीब 24.55 करोड़ रुपये का बोनस मिलने का अनुमान है। इससे किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

भोरमदेव कारखाने के किसानों को कितना मिलेगा बोनस?

भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर, कवर्धा में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान 25,58,188 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। सरकार द्वारा तय गणना के अनुसार, किसानों को 95.95 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।

बोनस की गणना में 329.05 रुपये प्रति क्विंटल की उचित एवं लाभकारी कीमत (FRP) को आधार बनाया गया है। इसे 425 रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित दर से घटाने पर 95.95 रुपये की राशि बनती है। इसी आधार पर कारखाने से जुड़े किसानों के लिए लगभग 24.55 करोड़ रुपये का बोनस निर्धारित किया गया है।

चार शक्कर कारखानों के 31 हजार किसानों को लाभ

राज्य के चारों सहकारी शक्कर कारखानों में पिछले पेराई सत्र के दौरान कुल 53,25,120 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इस आधार पर प्रदेश के 31,022 गन्ना विक्रेता किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा।

सरकार के इस फैसले से कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादकों में खुशी है। किसानों को उम्मीद है कि अतिरिक्त राशि से कृषि कार्यों की तैयारी आसान होगी। साथ ही, खाद, बीज और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी।

बढ़ी हुई बोनस राशि से खेती की तैयारी होगी आसान

गन्ना किसानों के लिए बोनस की राशि खेती की लागत संभालने में उपयोगी साबित हो सकती है। इससे किसान आगामी फसल की तैयारी और जरूरी कृषि कार्य समय पर कर सकेंगे। बेहतर आर्थिक सहयोग मिलने से खेती से जुड़े खर्चों का दबाव भी कम हो सकता है।

किसानों ने बोनस गणना का आधार बढ़ाने के फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों गन्ना उत्पादकों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।


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