छत्तीसगढ़ शासन के तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने 24 दिसंबर 2025 को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्तमान में 29 इंजीनियरिंग कॉलेज, 53 पॉलिटेक्निक संस्थान और 101 फार्मेसी कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 60 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 20 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि प्रदेश के युवाओं का रुझान तकनीकी शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सत्र 2025-26 से आईआईटी मॉडल पर संस्थानों के उन्नयन के तहत रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक शाखाओं के साथ चार छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CIT) की स्थापना की गई है। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख शहरों में भी CIT स्थापित किए जाएंगे।

राज्य में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से i-Hub गुजरात के सहयोग से रायपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में i-Hub शुरू किया गया है। यहां विद्यार्थियों को स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्योग से जुड़ने का व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

रोजगार की दिशा में Apanatech, CSRBOX, CII और YI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ हुए समझौतों से छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तकनीकी शिक्षा में लागू कर पाठ्यक्रमों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है।

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना एक बड़ी राहत साबित हुई है। अब तक 11,643 विद्यार्थियों को 22.53 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता दी जा चुकी है।

बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई उन्नयन और विशेष प्रशिक्षण योजनाओं के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण है।