यूपी दौरे से लौटे सीएम भूपेश ने कहा-बुंदेलखंड के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार

कांग्रेस सरकार से घबराई योगी सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में किस तरह से विजय हासिल की जाए, इसको लेकर रणनीति बनाई। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, इस सरकार में न तो किसानों को खाद मिल पा रही है और न ही सरकार कोयले की आपूर्ति कर पा रही है। सरकार वैक्सीन की भी ठीक से आपूर्ति नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा, यहां आज किसान परेशान है। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा किया था लेकिन यह वायदा आज तक पूरा नहीं हो पाया। भूपेश बघेल ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर चुटकी लेते हुए कहा, हमारी पार्टी से यह सरकार घबराई हुई है।

यूपी में सीएम भूपेश बघेल

उन्होंने कहा, माता कौशल्या के प्रदेश से आता हूं। यह भी भगवान राम की धरती है, सोचा था कि जब वह उत्तर प्रदेश जाएंगे तो यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें हाथों-हाथ लेंगे. अपने बंगले में बैठाकर चाय पिलाएंगे. मगर ऐसा न हुआ। उन्होंने कहा, मैंने सोचा था कि जब मैं उत्तर प्रदेश जाऊंगा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बंगले में बुलाकर मुझे चाय पिलाएंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ सत्ता के नशे में चूर है’. कहा, ‘उनका घमंड सातवें आसमान पर है। आने वाले चुनाव में जनता उन्हें जवाब देगी।

बांदा शहर के सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, बुंदेलखंड की बात करें तो यहां के पिछड़ेपन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी व अन्य लोग आवाज उठाते रहे हैं। 2021 में यहां के लिए 7000 करोड़ का पैकेज केंद्र सरकार ने दिया। मगर राज्य सरकार ने यह पैसा कहीं खर्च नहीं किया, इसके चलते विकास नहीं हो पाया। यहां पर न तो मंडियों का निर्माण हो पाया और न ही कोई उद्योग धंधे लग पाए। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने यहां के किसानों की आय को दोगुना करने की बात कही थी लेकिन पार्टी अब तक अपने वायदे को पूरा नहीं कर पाई है। यहां सिंचाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है और न ही फसलों की खरीद की। ऐसे में आय के दोगुना होने का सवाल ही नहीं उठता.कहा, यहां दो फसल लेने वाले किसानों को उतना ही बिजली बिल देना होता है जितना एक फसल लेने वाले किसान को। इस प्रकार देखा जाए तो बुंदेलखंड के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता आ रहा है।

किसानों के आंदोलन को दबा रही

भूपेश बघेल ने बताया कि अभी कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कुछ प्रतिज्ञाएं घोषित की हैं जिसमें खासतौर से किसानों के लिए गेहूं और धान की फसल 2500 रुपये में खरीदने की बात कही गई है। इसके अलावा किसानों का कर्ज माफ करने व गन्ना खरीद 400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करने की प्रतिज्ञा की गई है। कई अन्य प्रतिज्ञाएं भी की गईं हैं. किसानों की बात की जाए तो पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को सरकार दबाने की लगातार कोशिश कर रही है।

यूपी में खाद के लिए हाहाकार

भूपेश बघेल ने बताया कि 2018 के छत्तीसगढ़ चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी वहां गए थे। उन्होंने किसानों के कर्ज माफी का वायदा किया था। इसके बाद वहां 18 लाख से अधिक किसानों का 9000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया. हमने वहां 2500 रुपये में धान की खरीद की। किसानों की अर्थव्यवस्था सुधारने का काम किया। स्थिति यह है कि देश के दूसरे क्षेत्रों में मंदी का असर है लेकिन छत्तीसगढ़ में मंदी का जरा भी असर नहीं है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रबी की फसल के लिए चाहे यूपी हो या मध्यप्रदेश, हर जगह खाद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ललितपुर में तो किसान की मौत भी हो चुकी है। कहा जाए तो पूरे देश में डीएपी की तंगी है। केंद्र सरकार न तो डीएपी उपलब्ध करा पा रही है और न ही कोयला। यही नहीं, देश में वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यहां से वैक्सीन विदेशों को भेजी जा रही है।

यूपी में कांग्रेस मुख्य भूमिका में आएगी

प्रदेश की चौथे नंबर की पार्टी होने के सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा, यह बीते दिनों की बात है। यहां कांग्रेस 30 साल पहले सत्ता में रही है लेकिन धीरे-धीरे उस में गिरावट आई और यह संगठन कमजोर होता गया, इस बात से कोई इनकार नहीं किया जा सकता। आज बहुजन समाज पार्टी की हालत बहुत खराब है। इस चुनाव में भाजपा, सपा और कांग्रेस के बीच ही लड़ाई है। यह हमारे संगठन की ही अब ताकत है कि हम ऊपर उठ रहे हैं। हमारा ग्राफ बढ़ रहा है। आने वाले चुनाव में प्रदेश में हम मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।

हिंदुत्व मामले में सलमान का व्यक्तिगत विचार

सलमान खुर्शीद के हिंदुत्व वाले मामले को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है. हमारे राहुल गांधी ने उनका समर्थन नहीं किया। एक बात स्पष्ट कर दूं कि यह जो हिंदुत्व या हिंदुइज्म की बात करते हैं, वह सरकार की सोच है. कांग्रेस की यह सोच नहीं है। कांग्रेस की सोच तो परंपरागत विचारधारा है। चाहे वेद की बात करें या बुद्ध की बात करें. चाहे शंकराचार्य की बात करें या किसी अन्य महात्मा की. सावरकर की सोच की बात की जाए तो वह अंग्रेजी में सोचते थे।

कंगना को अतिहास का ज्ञान नहीं

वही, कंगना रनौत के बयान पर भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिल गई है और पद्मश्री भी. इसी वजह से वह इस तरीके की बातें कर रहीं हैं. आजादी की लड़ाई हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर सपूतों ने लड़ी है। अब ऐसे में ऐसी महिला के बारे में क्या कहा जाए जो हमारे पूर्वजों को गाली दे रही है. उसने न तो इतिहास पढ़ा है और न ही उसे इतिहास का ज्ञान है. ऐसे लोग सिर्फ संघी विचारधारा के है।