कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन भारत ने एक और शानदार उपलब्धि अपने नाम की। पैरा एथलेटिक्स की पुरुष T47 वर्ग की 100 मीटर दौड़ में दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीत लिया। उनके साथ भारत के मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड के समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के खाते में तीसरा स्वर्ण पदक जुड़ गया। इससे पहले मीराबाई चानू और शर्मिला धनकड़ भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
दिलीप गावित की प्रेरणादायक संघर्ष यात्रा
दिलीप गावित की सफलता केवल एक जीत नहीं बल्कि संघर्ष की मिसाल भी है। महाराष्ट्र के नासिक जिले के किसान परिवार से आने वाले दिलीप ने बचपन में एक हादसे में अपना दाहिना हाथ खो दिया था। इसके बावजूद उन्होंने खेल को नहीं छोड़ा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता बल्कि गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।
मोहम्मद बासिल ने भी दिलाया भारत को गौरव
केरल के युवा एथलीट मोहम्मद बासिल ने भी शानदार दौड़ लगाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2025 तक उन्हें पैरा एथलेटिक्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
बेहतर प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए रजत पदक जीतकर अपनी पहचान बना ली।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुरली श्रीशंकर की दमदार वापसी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। वह लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप का रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
गंभीर चोट के कारण वह पेरिस ओलंपिक 2024 से बाहर हो गए थे। हालांकि कड़ी मेहनत और लंबी रिकवरी के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एक बार फिर भारत को पदक दिलाया।
मेडल टैली में भारत ने लगाई लंबी छलांग
सातवें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज सहित कुल 15 पदक हो गए हैं। इसके साथ भारतीय दल आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
ऑस्ट्रेलिया 103 पदकों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। वहीं भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक पहले ही पक्के कर लिए हैं।
बॉक्सिंग और शॉटपुट से बढ़ीं भारत की उम्मीदें
भारतीय मुक्केबाज जैस्मिन लैम्बोरिया, अरुंधति, साक्षी चौधरी, नरेंद्र बेरवाल, अंकुश पंघल और सचिन सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। इसके चलते भारत के लिए बॉक्सिंग में कम से कम 10 पदक तय हो गए हैं।
दूसरी ओर शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल भी फाइनल में पहुंच चुके हैं। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें – नीरज चोपड़ा की वापसी पर अंजू बॉबी जॉर्ज ने जताया भरोसा
Neymar Venezuela Earthquake Donation: नेमार की दरियादिली
