छत्तीसगढ़ डेस्क। कोरोना की तीसरी लहर के बावजूद इस साल रजिस्ट्री के सभी रिकार्ड टूट गए और राजधानी में रियल एस्टेट बिजनेस में पिछले एक महीने के दौरान बड़ा बूम रजिस्टर हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर की वजह से रायपुर में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक एक वर्ष में रजिस्ट्री के लिए 450 करोड़ का टारगेट दिया गया था। तब गाइडलाइन रेट में 30 प्रतिशत छूट चल रही थी। सरकार ने जनवरी अंत में गाइडलाइन रेट की छूट बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी थी।
इस वजह से रजिस्ट्री में बूम आया और फरवरी अंत तक ही टारगेट की तुलना में सिर्फ रायपुर में 465 करोड़ की रजिस्ट्री हो गई, यानी लक्ष्य से 103 फीसदी। अभी पूरा मार्च बाकी है और रियल एस्टेट मार्केट तथा रजिस्ट्री अफसरों का अनुमान है कि 31 मार्च तक रायपुर में यह राशि 525 करोड़ रुपए के पार हो सकती है।
पिछले साल 2021 में जमीन की सरकारी कीमत यानी गाइडलाइन रेट में 30 फीसदी की कमी करने पर जनवरी से अभी अच्छा है। मार्च तक हर दिन औसतन 100 रजिस्ट्री हुई, लेकिन इस साल फरवरी में 40 फीसदी कीमत कम करने के बाद अभी हर दिन औसतन 200 रजिस्ट्री हो रही है। रजिस्ट्रियों की संख्या लगातार बढ़ने की वजह अब राज्य सरकार ने रायपुर को हर महीने 49.50 करोड़ की रजिस्ट्री करने का नया टारगेट दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि फरवरी में यह टारगेट भी पूरा हो गया है। अभी नए साल की शुरुआत से जिस तेजी से रजिस्ट्रियां हो रही हैं उससे रायपुर में ऐसा पहली बार होगा जब एक में साल में 525 करोड़ से ज्यादा की रजिस्ट्री होगी। राज्य बनने के बाद से अभी तक रायपुर जिले में कभी भी 500 करोड़ से ज्यादा की रजिस्ट्री नहीं हुई है।
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