हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन, सिख कोएलिशन, AI विज्ञापन

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का एक विज्ञापन विवादों में है। इसमें ‘मिस्टर सिंह’ नाम का इस्तेमाल किया गया है। इस पर कई अधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं।

यह विज्ञापन बिना लाइसेंस वाले व्यावसायिक ड्राइवरों से जुड़े अभियान का हिस्सा है। इसमें एआई से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद DHS विज्ञापन विवाद ने तूल पकड़ लिया।

विज्ञापन में क्या दिखाया गया?

DHS ने एक्स पर अभियान से जुड़े पोस्ट साझा किए। इनमें एआई से तैयार एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाई गई। तस्वीर में भूरी दाढ़ी वाला व्यक्ति नजर आता है।

पोस्ट में ‘मिस्टर सिंह’ को संबोधित करते हुए सख्त संदेश दिया गया। इसमें उन्हें अमेरिकी सड़कों से हटने की बात कही गई।

विज्ञापन में ड्राइविंग क्षमता पर भी सवाल उठाया गया। इस प्रस्तुति को लेकर संगठनों ने आपत्ति जताई है।

वीडियो में ट्रांसफॉर्मर्स के किरदार

अभियान से जुड़े एक वीडियो में ट्रांसफॉर्मर्स फ्रैंचाइजी के किरदार दिखाए गए। इसमें मेगाट्रॉन और ऑप्टिमस प्राइम नजर आते हैं।

वीडियो में कुछ ट्रक ड्राइवरों का भी संदर्भ दिया गया। स्रोत के अनुसार, इन ड्राइवरों पर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों से जुड़े आरोप हैं।

‘सिंह’ सरनेम पर क्यों उठे सवाल?

DHS विज्ञापन विवाद का मुख्य मुद्दा ‘सिंह’ सरनेम का इस्तेमाल है। अधिकार संगठनों ने इसके चयन पर सवाल उठाए हैं।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के अनुसार, ‘सिंह’ कई हिंदू और सिख लोगों का सरनेम है। संगठन ने इसे किसी एक समूह से जोड़कर देखने पर आपत्ति जताई।

संगठन ने विज्ञापन को भेदभावपूर्ण प्रोफाइलिंग से जोड़कर आलोचना की है। साथ ही, मामले की जांच की मांग भी की गई है।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन की प्रतिक्रिया

HAF ने एक्स पर विज्ञापन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। संगठन ने कहा कि सिंह सरनेम वाले लोग अमेरिकी समाज का हिस्सा हैं।

उसने सरकारी एजेंसी की पोस्ट को लेकर गंभीर सवाल उठाए। HAF ने संबंधित अधिकारियों को टैग करके जांच की मांग की।

सिख कोएलिशन ने भी जताई नाराजगी

सिख कोएलिशन ने भी विज्ञापन की आलोचना की है। संगठन ने सिख समुदाय की प्रोफाइलिंग का मुद्दा उठाया।

संगठन ने कहा कि अमेरिका में बड़ी संख्या में सिखों का सरनेम ‘सिंह’ है। उसने पहचान और रूप-रंग के आधार पर निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई।

सिख कोएलिशन ने 9/11 के बाद सिख समुदाय के अनुभवों का भी जिक्र किया। संगठन के अनुसार, ऐसी सामग्री पुरानी चिंताओं को बढ़ा सकती है।

CBP Home कार्यक्रम क्या है?

यह विवाद ‘CBP Home’ कार्यक्रम के प्रचार के दौरान सामने आया। स्रोत के अनुसार, यह कार्यक्रम पात्र प्रवासियों से जुड़ा है।

इसके तहत योग्य और बिना दस्तावेज वाले प्रवासी स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।

कार्यक्रम में यात्रा सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा, पात्र लोगों को 2,600 अमेरिकी डॉलर का एग्जिट बोनस मिल सकता है।

सरकारी प्रचार पर बहस तेज

DHS विज्ञापन विवाद ने सरकारी प्रचार में एआई के इस्तेमाल पर भी चर्चा बढ़ाई है। संगठनों ने विज्ञापन की भाषा और प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं।

विवाद का प्रमुख केंद्र ‘सिंह’ सरनेम का इस्तेमाल बना हुआ है। अधिकार समूह इसे पहचान आधारित प्रोफाइलिंग के संदर्भ में देख रहे हैं।

मामले से जुड़े अहम बिंदु

  • विवादित विज्ञापन: DHS ने बिना लाइसेंस वाले व्यावसायिक ड्राइवरों को लेकर अभियान चलाया।
  • AI तस्वीरें: अभियान में एआई से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया।
  • ‘सिंह’ सरनेम: संगठनों ने इसके इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
  • संगठनों की मांग: HAF ने संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग की।

संगठनों की मुख्य आपत्तियां

  • प्रोफाइलिंग का आरोप: सरनेम के चयन को लेकर सवाल उठाए गए।
  • विज्ञापन की भाषा: संदेश के तरीके पर भी आपत्ति जताई गई।
  • सिख समुदाय की चिंता: सिख कोएलिशन ने पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने की बात कही।
  • AI का इस्तेमाल: सरकारी प्रचार में एआई सामग्री को लेकर बहस शुरू हुई।

DHS विज्ञापन विवाद के बीच अब सरकारी प्रचार की भाषा और पहचान के चित्रण पर चर्चा जारी है।

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