खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में किसान न्याय योजना के तहत चार किस्तों में 5700 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों के जीवन में नया सवेरा लेकर आई है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी का नाम छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए नई आशा का भी पर्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना इस वित्तीय वर्ष के अंत तक अमल में आ जाएगी। वर्ष 2021-22 के राज्य के बजट में इस योजना को शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए देने का निर्णय लिया गया है। इससे लगभग 10 लाख ग्रामीण भूमिहीन मजदूर लाभान्वित होंगे।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना, छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। जिसके तहत किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार योजना के तहत किसानों को सहजता से पंजीयन और इसका फायदा देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास और किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय ने इस योजना की गाइडलाइन में थोड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के अनुसार अब संयुक्त खातेदार कृषकों को पंजीयन के लिए सिर्फ स्व-घोषणा पत्र देना होगा। पहले जारी गाइडलाइन के हिसाब से संयुक्त खातेदार कृषकों के पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारकों की सहमति सह-शपथ पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते थे, लेकिन अब सरकार ने शपथ पत्र देने की बाध्यता खत्म कर दी है।
बार-बार पंजीकरण की आवश्यकता नहीं
राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे किसानों को, जिन्होंने खरीफ साल 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था । उन किसानों को योजना के अंतर्गत इस बार पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। ये जरूर है कि खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर और गन्ना उत्पादक कृषकों को योजना के हिसाब से पंजीयन कराना होगा। खरीफ साल 2020-21 में जिस रकबे से किसान ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया था यदि वह उस रकबे में धान के बदले योजना में सम्मिलित अन्य फसल लगाता है। तब भी किसान को योजना के अंतर्गत पंजीयन कराना होगा।
ये किसान होंगे पात्र
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत खरीफ 2021 से लागू प्रावधानों के क्रियान्वयन को लेकर सरकार ने गाइडलाइन जारी की थी। जिसके तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत सभी श्रेणी के भू-स्वामी और वन पट्टाधारी किसान पात्र होंगे।
मिलेगी सहायता राशि
संस्थागत भू-धारक, रेगहा, बटाईदार और लीज खेती करने वाले किसान इस योजना के पात्र नहीं होंगे । योजना के तहत खरीफ 2021 से धान के साथ खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर और गन्ना उत्पादक किसानों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ के मान से 9000 रुपए आदान सहायता राशि दी जानी है। साल 2020-21 में जिस रकबे से किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था यदि वह धान के बदले कोदो-कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान अन्य फोर्टिफाइड धान, केला, पपीता लगाता है या वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10000 रुपए के मान से आदान सहायता मिलेगी।
कब तक कराना होगा पंजीयन
वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 3 साल तक आदान सहायता मिलेगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के पोर्टल पर 30 सितंबर तक पंजीयन कराना होगा।
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