गांधारी मूवी रिव्यू

तापसी पन्नू की नई फिल्म ‘गांधारी’ एक मां की जंग को केंद्र में रखती है। कहानी में बेटी के अपहरण के बाद बानी की दुनिया बदल जाती है। इसके बाद वह अपनी बच्ची को खोजने के लिए खतरनाक रास्ते पर निकलती है।

फिल्म का आधार भावनात्मक है। इसके साथ ही इसमें एक्शन और रहस्य का तड़का लगाया गया है। काल्पनिक शहर जॉयपुर्रा फिल्म को अलग माहौल देता है। हालांकि, कहानी का भावनात्मक पक्ष हर जगह उतनी मजबूती से सामने नहीं आता।

बेटी की तलाश से शुरू होती है कहानी

गांधारी मूवी रिव्यू में सबसे पहले कहानी की बात करें तो बानी अपनी बेटी मिश्ती और पति गोकुल के साथ रहती है। एक घटना के बाद मिश्ती का अपहरण हो जाता है।

बेटी को बचाने की कोशिश में बानी घायल हो जाती है। इसके बाद उसकी आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। फिर भी वह अपनी तलाश रोकती नहीं है।

जांच आगे बढ़ने के साथ मामला बच्चों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचता है। जॉयपुर्रा की रहस्यमयी दुनिया कहानी में नया मोड़ लाती है।

तापसी पन्नू का एक्शन सबसे मजबूत

तापसी पन्नू ने बानी के किरदार को पूरी ऊर्जा के साथ निभाया है। एक्शन दृश्यों में उनका आत्मविश्वास साफ नजर आता है। किरदार को शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण तरीके से पेश किया गया है।

खास बात यह है कि बानी के लिए उसकी कमजोरी ही चुनौती बनती है। आंखों की परेशानी के बावजूद वह अपनी बेटी तक पहुंचने की कोशिश करती है।

हालांकि, भावनात्मक दृश्यों में फिल्म उतनी गहराई नहीं बना पाती। बेटी के लिए बानी की बेचैनी को दर्शक महसूस तो करते हैं। लेकिन कई जगह एक्शन उस भावनात्मक पहलू पर भारी पड़ जाता है।

सहायक कलाकारों ने संभाली कहानी

इश्कवाक सिंह ने गोकुल की भूमिका निभाई है। वह बेटी के गायब होने से परेशान पिता के रूप में नजर आते हैं। उनका प्रदर्शन सहज है, लेकिन किरदार को ज्यादा विस्तार नहीं मिलता।

मीता वशिष्ठ अपने रहस्यमयी किरदार से ध्यान खींचती हैं। छाया कदम और स्वास्तिका मुखर्जी भी कहानी में अहम भूमिका निभाती हैं। जतिन सरना पुलिस अधिकारी कबीर के रूप में नजर आते हैं।

कलाकारों का प्रदर्शन कहानी के मुताबिक ठीक है। फिर भी तापसी की मौजूदगी सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ती है।

जॉयपुर्रा की दुनिया फिल्म को अलग बनाती है

निर्देशक देवाशीष मखीजा ने जॉयपुर्रा को सामान्य शहर की तरह नहीं दिखाया है। यहां का माहौल रहस्यमयी और असहज नजर आता है।

बहुरुपियों की मौजूदगी कहानी को अलग पहचान देती है। सुरंगें, अंधेरी गलियां और स्थानीय परंपराएं भी कहानी का हिस्सा हैं।

यह विजुअल ट्रीटमेंट फिल्म की खासियत बनता है। साथ ही, यही चीज कई जगह कहानी को मुख्य ट्रैक से दूर भी ले जाती है।

पटकथा में नजर आती है कमजोरी

गांधारी मूवी रिव्यू के लिहाज से पटकथा फिल्म का कमजोर पक्ष है। फिल्म में कई मजबूत विचार मौजूद हैं। मां-बेटी का रिश्ता, अपहरण, अपराध और बदले की कहानी इसका आधार है।

इसके अलावा, रहस्यमयी शहर और पुलिस जांच को भी जोड़ा गया है। शुरुआत में ये सभी पहलू कहानी को रोचक बनाते हैं।

लेकिन आगे बढ़ते हुए कथा कई दिशाओं में फैल जाती है। कुछ संवाद कहानी की गति को धीमा करते हैं। कुछ एक्शन दृश्य भी जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं।

‘गांधारी’ नाम का क्या है मतलब?

फिल्म का नाम महाभारत के पात्र गांधारी से जुड़ा है। आंखों की पट्टी और दृष्टिहीनता का संदर्भ कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बानी के किरदार के जरिए फिल्म आंखों और अंधेरे को अलग अर्थ देती है। यह विचार कहानी के लिए दिलचस्प है। हालांकि, इस प्रतीक को और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था।

मां-बेटी का रिश्ता क्यों नहीं कर पाया भावुक?

फिल्म का सबसे बड़ा भावनात्मक आधार बानी और मिश्ती का रिश्ता है। पूरी कहानी बानी की बेटी की तलाश से आगे बढ़ती है।

इसके बावजूद मां-बेटी के रिश्ते को पर्याप्त समय नहीं मिलता। इसलिए दर्शक बानी के संघर्ष को समझता जरूर है। मगर उसकी भावनात्मक तीव्रता हमेशा महसूस नहीं कर पाता।

यही वजह है कि फिल्म का एक्शन याद रहता है। लेकिन भावनात्मक दृश्य उतनी देर तक प्रभाव नहीं छोड़ते।

क्या ‘गांधारी’ देखनी चाहिए?

गांधारी मूवी रिव्यू का निष्कर्ष यही है कि फिल्म में एक मजबूत विचार मौजूद है। तापसी पन्नू का एक्शन प्रभावशाली है। फिल्म का माहौल भी इसकी खासियत है।

वहीं, पटकथा में बिखराव और भावनात्मक जुड़ाव की कमी इसे कमजोर करती है। अगर आपको डार्क थ्रिलर और एक्शन पसंद हैं, तो फिल्म देखी जा सकती है।

अगर आपकी प्राथमिकता मां-बेटी के रिश्ते पर आधारित भावुक कहानी है, तो उम्मीद थोड़ी कम रखनी बेहतर होगी।

रेटिंग: 3/5

फिल्म की जानकारी

  • फिल्म: गांधारी
  • मुख्य कलाकार: तापसी पन्नू, इश्कवाक सिंह, मीता वशिष्ठ
  • निर्देशक: देवाशीष मखीजा
  • लेखक और निर्माता: कनिका ढिल्लों
  • ओटीटी प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स
  • रिलीज डेट: 3 सितंबर 2026
  • शैली: एक्शन, थ्रिलर और मिस्ट्री

फिल्म 3 सितंबर 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कहानी बानी की बेटी को बचाने की कोशिश पर आधारित है।


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