गांधी जयंती 2026 पर राजघाट पर फूलों से सजी समाधि

गांधी जयंती 2026 इस बार शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मनाई जाएगी. यह महात्मा गांधी की 157वीं जयंती होगी. इस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहता है. वहीं, इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी होती है. आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और बापू से जुड़ी कुछ कम सुनी बातें.

2 अक्टूबर 2026 को क्या खास है

गांधी जयंती 2026 शुक्रवार, 2 अक्टूबर को है. इसी दिन 1869 में पोरबंदर में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था. यानी यह उनकी 157वीं जयंती है. साथ ही यह दिन देश के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र इसे 2007 से अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाता है.

157वीं जयंती से जुड़ी अहम तारीखें

  • जन्म: 2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर (गुजरात).
  • 2026 में जयंती शुक्रवार को है, यानी लंबा वीकेंड मिल सकता है.
  • 2007 से यह दिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी है.
  • 2014 में इसी दिन स्वच्छ भारत मिशन शुरू हुआ.
  • इसी दिन 1904 में लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था.

गांधी जयंती 2026 कब और क्यों मनाई जाती है

मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. उनके पिता करमचंद गांधी और माता पुतलीबाई थीं. इसलिए हर साल 2 अक्टूबर को उनकी याद में गांधी जयंती मनाई जाती है. 2026 में उनके जन्म को 157 साल पूरे हो रहे हैं.

दरअसल, यह दिन भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है. बाकी दो गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस हैं. इस दिन सरकारी दफ्तर, बैंक और डाकघर बंद रहते हैं. हालांकि अस्पताल और ज़रूरी सेवाएं चालू रहती हैं.

दुनिया भर में ‘अहिंसा दिवस’

गांधी जी का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में 2 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ घोषित किया. इसलिए यह दिन अब पूरी दुनिया में अहिंसा के संदेश के रूप में मनाया जाता है. कई देशों में गांधी जी की प्रतिमाएं भी लगी हैं.

इस दिन कैसे मनाई जाती है गांधी जयंती

सबसे पहले, सुबह नई दिल्ली के राजघाट पर श्रद्धांजलि सभा होती है. राजघाट गांधी जी का समाधि स्थल है. यहां देश के बड़े नेता फूल चढ़ाते हैं. इसके बाद सर्वधर्म प्रार्थना होती है.

  • स्कूलों में भाषण, निबंध और क्विज़ प्रतियोगिताएं होती हैं.
  • कई जगह गांधी जी का प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाया जाता है.
  • ‘वैष्णव जन तो’ भजन भी इस दिन खास तौर पर सुना जाता है.
  • सफाई अभियान और श्रमदान के कार्यक्रम होते हैं.
  • कई लोग इस दिन सादा भोजन करते हैं.

दरअसल, 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत भी इसी दिन हुई थी. यही वजह है कि आज गांधी जयंती और सफाई अभियान एक-दूसरे से जुड़ गए हैं.

बापू से जुड़ी 10 कम सुनी बातें

1. गांधी जी ने लंदन में वकालत की पढ़ाई की थी.

2. वह करीब 21 साल दक्षिण अफ्रीका में रहे. वहीं उन्होंने सत्याग्रह का पहला प्रयोग किया.

3. भारत लौटने के बाद 1917 का चंपारण सत्याग्रह उनका पहला बड़ा आंदोलन था.

4. 1930 में उन्होंने नमक कानून के खिलाफ दांडी यात्रा की. यह यात्रा करीब 24 दिन चली.

5. उनकी आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ मूल रूप से गुजराती में लिखी गई थी.

6. उन्होंने ‘यंग इंडिया’, ‘नवजीवन’ और ‘हरिजन’ जैसे अखबार निकाले.

7. उन्हें ‘महात्मा’ की उपाधि का श्रेय आमतौर पर रवींद्रनाथ टैगोर को दिया जाता है.

8. सुभाष चंद्र बोस ने 1944 में एक रेडियो संबोधन में उन्हें ‘राष्ट्रपिता’ कहकर पुकारा था.

9. उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए पांच बार नामांकित किया गया, पर यह पुरस्कार कभी नहीं मिला.

10. 1930 में टाइम पत्रिका ने उन्हें ‘मैन ऑफ द ईयर’ चुना था.

लाल बहादुर शास्त्री को भी याद करने का दिन

2 अक्टूबर सिर्फ गांधी जयंती का दिन नहीं है. इसी दिन 1904 में लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था. वह देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने. उनका नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी लोगों की ज़ुबान पर है. इसलिए कई स्कूल और संस्थाएं इस दिन दोनों नेताओं को साथ याद करती हैं.

गांधी जयंती पर भाषण के लिए छोटे और आसान विचार

अगर आपके बच्चे को स्कूल में बोलना है, तो ये बिंदु काम आ सकते हैं:

  • सत्य और अहिंसा गांधी जी के जीवन की सबसे बड़ी सीख थी.
  • उन्होंने कहा कि बदलाव की शुरुआत खुद से करनी चाहिए.
  • सादा जीवन और अपना काम खुद करना उनकी आदत थी.
  • स्वच्छता को वह आज़ादी जितना ही ज़रूरी मानते थे.
  • चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक था.

वहीं, भाषण को छोटा रखें. दो-तीन मिनट का भाषण सबसे असरदार रहता है. साथ ही, एक छोटा किस्सा जोड़ने से भाषण यादगार बनता है.

घर पर ऐसे मनाएं यह दिन

अगर आप कहीं बाहर नहीं जा रहे, तो भी यह दिन खास बनाया जा सकता है. सबसे पहले, परिवार के साथ घर या गली की सफाई करें. इसके बाद बच्चों को गांधी जी की कोई छोटी कहानी सुनाएं. साथ ही, एक दिन के लिए प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने का संकल्प लें. वहीं, बड़े बच्चों के साथ ‘सत्य के प्रयोग’ के कुछ पन्ने पढ़ना भी अच्छा अनुभव हो सकता है. इसी तरह, पास के किसी खादी भंडार से एक चीज़ खरीदकर स्थानीय कारीगरों का साथ दिया जा सकता है.

छुट्टी और बाज़ार: क्या खुला, क्या बंद

गांधी जयंती 2026 पर बैंक और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. इसके अलावा कई राज्यों में इस दिन शराब की दुकानें भी बंद रहती हैं. हालांकि यह नियम राज्य सरकारें तय करती हैं. इसलिए अपने राज्य की सूचना ज़रूर देखें. वहीं, इस साल 2 अक्टूबर शुक्रवार को है. नतीजतन, बहुत से लोगों को तीन दिन का लंबा वीकेंड मिल सकता है.

बापू को याद करने का सबसे सरल तरीका

आखिर में, गांधी जयंती 2026 सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं है. यह सत्य, अहिंसा और सादगी को याद करने का मौका है. इस दिन अपने आसपास सफाई करके या किसी ज़रूरतमंद की मदद करके बापू को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है.

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