नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। गांधी शास्त्री जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सत्य, अहिंसा, सादगी और राष्ट्रसेवा के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से दुनिया को शांति का संदेश दिया। उनके विचार मानवता, सद्भाव और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण पर केंद्रित थे। गांधीजी का जीवन देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है।
गांधी शास्त्री जयंती पर महापुरुषों के आदर्शों को किया याद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी के विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने मानवता और सत्य के मार्ग पर चलने की सीख दी। उनके आदर्श आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी याद किया। उन्होंने शास्त्रीजी के सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उल्लेख किया। गांधी शास्त्री जयंती दोनों नेताओं के जीवन मूल्यों को याद करने का अवसर है।
शास्त्रीजी का नारा ‘जय जवान-जय किसान’ देश की सुरक्षा और समृद्धि में जवानों तथा किसानों की भूमिका बताता है। यह संदेश राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान के महत्व को सामने लाता है।
गांधी शास्त्री जयंती से मिलती है राष्ट्रसेवा की प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दोनों महापुरुषों के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उनके जीवन से जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलती है। गांधी शास्त्री जयंती पर उनके विचारों को अपनाने का संदेश दिया गया।
महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता को अपने जीवन का आधार बनाया। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी और देश के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके विचार नागरिकों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महापुरुषों के आदर्श आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके बताए मूल्यों पर चलकर समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व निभाए जा सकते हैं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में श्रद्धांजलि दी।
- महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए।
- सत्य, अहिंसा, मानवता और सादगी के आदर्शों को याद किया।
- ‘जय जवान-जय किसान’ के संदेश और महत्व को रेखांकित किया।
दोनों महापुरुषों के जीवन से मिलने वाली सीख
- महात्मा गांधी: सत्य, अहिंसा, शांति और मानवता को अपनाना।
- लाल बहादुर शास्त्री: सादगी, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण।
- जनकल्याण: समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों का ध्यान रखना।
- राष्ट्रसेवा: देश की प्रगति और सामाजिक सद्भाव के लिए योगदान देना।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों महापुरुषों के जीवन को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बताया। उनके आदर्श समाज में सद्भाव और जिम्मेदारी की भावना मजबूत करते हैं। सत्य, अहिंसा और सादगी को व्यवहार में अपनाना उनके प्रति सच्चा सम्मान है।
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