गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार, 14 सितंबर को मनाई जा रही है, और बप्पा के स्वागत की तैयारियां घर-घर में शुरू हो चुकी हैं. इस त्योहार में मोदक का खास महत्व है, क्योंकि गणेश जी को मोदकप्रिय यानी मोदक पसंद करने वाला देवता माना जाता है. अगर आप भी इस बार घर पर परफेक्ट गणेश चतुर्थी मोदक रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं, तो यह आसान महाराष्ट्रियन स्टाइल उकड़ीचे मोदक विधि आपके लिए है.
मोदक बनाने के लिए क्या चाहिए
बाहरी आवरण के लिए चावल का आटा, पानी, घी और नमक चाहिए, जबकि भरावन के लिए ताज़ा कसा हुआ नारियल, गुड़, इलायची पाउडर, खसखस और थोड़ा घी इस्तेमाल होता है. यह सभी सामग्री आसानी से किसी भी किराना दुकान पर मिल जाती हैं.
स्टफिंग बनाने की विधि
एक पैन में घी गरम करें और उसमें कसा हुआ नारियल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं. जब मिश्रण गाढ़ा होकर एक साथ बंधने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर और खसखस मिलाकर एक-दो मिनट और पकाएं. स्टफिंग को ठंडा होने के लिए अलग रख दें.
बाहरी आवरण और मोदक बनाने का तरीका
पानी में घी और नमक डालकर उबाल लें, फिर उसमें चावल का आटा डालकर तुरंत अच्छी तरह मिलाएं और ढककर 4-5 मिनट के लिए रख दें. आटा हल्का ठंडा होने पर उसे हाथों से गूंथ लें ताकि वह मुलायम हो जाए. छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें कटोरी जैसा आकार दें, बीच में स्टफिंग भरें और मोदक के पारंपरिक आकार में मोड़ें. तैयार मोदकों को 10-12 मिनट तक भाप में पकाएं.
गणेश चतुर्थी मोदक रेसिपी को परफेक्ट बनाने के टिप्स
- चावल का आटा हमेशा ताजा और बारीक होना चाहिए
- पानी उबलते समय ही आटा डालें, ठंडे पानी में यह विधि काम नहीं करेगी
- आटा गूंथते समय हाथों पर थोड़ा घी लगा लें ताकि चिपके नहीं
- भाप में पकाते समय बर्तन को कसकर ढक दें ताकि मोदक अच्छे से पकें
पूजा में मोदक का महत्व
पारंपरिक रूप से भक्त गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर सोलह चरणों वाली शोडशोपचार पूजा करते हैं, जिसमें फूल, दूर्वा घास, मोदक और फल अर्पित किए जाते हैं. महाराष्ट्र में भोग की थाली में उकड़ीचे मोदक के साथ पुरण पोली, वरण भात और कोथिंबिर वड़ी भी शामिल की जाती है.
अस्वीकरण: यह एक सामान्य घरेलू रेसिपी टिप है, न कि चिकित्सीय सलाह. एलर्जी या किसी खास स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में सामग्री के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
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