छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां हाथी का कहर दो श्रमिकों पर भारी पड़ गया। गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूर रात के समय विश्राम कर रहे थे, तभी एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया।
एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, देवसील गांव के आगे बस्ती क्षेत्र में जेसीबी मशीन के पास श्रमिक काम कर रहे थे। अचानक हुए हाथी का कहर में 22 वर्षीय गौरव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल अमर सिंह को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
भोजन के बाद आराम कर रहे थे मजदूर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रमिक रात में भोजन करने के बाद आग के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान जंगल की ओर से हाथी वहां पहुंच गया। हाथी का कहर इतना अचानक था कि मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर तक नहीं मिला।
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही टाइगर रिजर्व और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हाथी का कहर के बाद आसपास के गांवों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता, सुरक्षा उपायों की मांग
लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों के कारण स्थानीय लोग पहले से ही चिंतित थे। अब हाथी का कहर देखने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाने चाहिए।
मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ रहा टकराव
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के समीप विकास कार्यों और मानवीय गतिविधियों के विस्तार के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाथी का कहर जैसी घटनाएं इस चुनौती की गंभीरता को उजागर करती हैं और वन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत करने की आवश्यकता बताती हैं।
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