मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कृषि क्षेत्र में लिए गए कदमों का अब यहां के युवाओं पर भी असर देखने को मिल रहा है। कृषि शिक्षा में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या में आई बढ़ोतरी को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में अवसर बढ़ा दिए हैं। अब कृषि के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 418 सीटों की बढ़ोतरी की गई है, 2021-22 के सत्र में कुल 3676 सीटें प्रवेश के लिए उपलब्ध है।


इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि पाठ्यक्रम में 305 सीटें, बीएससी उद्यानिकी में 58 सीटें, बीटेक कृषि अभियंत्रिकी में 20 सीटों की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार बीटेक खाद्य प्रौद्योगिकी में 18 सीटों की वृद्धि एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 17 सीटों की बढ़ोतरी कर छात्रों को प्रवेश के लिए उपलब्ध कराई गई है।
राज्य की स्थापना के समय छत्तीसगढ़ में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत केवल रायपुर में एक कृषि महाविद्यालय संचालित था, लेकिन समय के साथ छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि के क्षेत्र ने जिस प्रकार विकास की राह पकड़ी और खास तौर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के कार्यकाल में नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी योजना, गोधन न्याय योजना आदि जैसी किसानों के विकास के लिए योजनाओं की शुरुआत की उससे अब छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी कृषि के प्रति रुझान बढ़ा है।
कृषि क्षेत्र में बढ़े अवसरों को देखते हुए यह कहा जा सकता है की छत्तीसगढ़ के युवा पहले दूसरे राज्यों में नौकरी / काम के अवसर तलाशने के लिए पलायन कर जाते थे, अब छत्तीसगढ़ में रह कर स्वयं के साथ साथ राज्य के विकास की एक नई गाथा लिखेंगे।
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