प्लेट में परोसी गई गरमागरम इंस्टेंट रवा इडली सांभर और चटनी के साथ

सुबह के नाश्ते में कुछ हल्का और सेहतमंद चाहिए तो इंस्टेंट रवा इडली रेसिपी सबसे आसान विकल्प है. पारंपरिक इडली के लिए चावल और उड़द दाल को भिगोकर रातभर खमीर उठाना पड़ता है, लेकिन रवा इडली सिर्फ पैंतीस से चालीस मिनट में तैयार हो जाती है. इसमें सूजी, दही और इनो का इस्तेमाल होता है, जिससे इडली बिना खमीर उठाए भी फूली और मुलायम बनती है.

यह रेसिपी इतनी लोकप्रिय क्यों है

इंस्टेंट रवा इडली की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है. न रातभर भिगोने का झंझट, न खमीर उठने का इंतजार. अचानक मेहमान आ जाएं या नाश्ते में देर हो जाए, तब भी यह रेसिपी बीस मिनट के अंदर तैयार होकर टेबल पर पहुंच सकती है.

जरूरी सामग्री

  • मोटी सूजी: एक कप
  • खट्टा दही: आधा कप
  • पानी: जरूरत के अनुसार
  • राई: आधा चम्मच
  • उड़द दाल और चना दाल: एक-एक चम्मच
  • काजू के टुकड़े: कुछ
  • करी पत्ता और हरी मिर्च: बारीक कटी हुई
  • अदरक: कद्दूकस किया हुआ, एक छोटा टुकड़ा
  • हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
  • तेल, नमक और इनो फ्रूट सॉल्ट: स्वादानुसार

इंस्टेंट रवा इडली बनाने की विधि

सबसे पहले एक मोटे तले की कढ़ाई में हल्का तेल डालकर सूजी को धीमी आंच पर छह से आठ मिनट तक भूनें, जब तक हल्की खुशबू न आने लगे. सूजी का रंग बदलना नहीं चाहिए, बस वह हल्की भुनी हुई महसूस होनी चाहिए. भुनी सूजी को अलग बर्तन में निकालकर ठंडा होने दें.

तड़का और घोल तैयार करना

एक पैन में तेल गरम करें और राई डालें. राई चटकने पर उड़द दाल, चना दाल और काजू डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसमें कद्दूकस किया अदरक, हरी मिर्च और करी पत्ता डालकर तीस सेकंड तक पकाएं. अब इस तड़के को ठंडी की गई सूजी में मिलाएं. इसके बाद दही, नमक और थोड़ा पानी डालकर एक गाढ़ा घोल तैयार करें. घोल को बीस मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए.

स्टीम करने की प्रक्रिया

इडली स्टीमर में पानी गरम होने रखें. घोल में हरा धनिया मिलाएं और स्टीम करने से ठीक पहले इनो फ्रूट सॉल्ट डालकर हल्के हाथों से मिलाएं. घोल तुरंत हल्का फूलने लगेगा, इसलिए इसे तुरंत चिकनाई लगे इडली मोल्ड में डालें और दस से बारह मिनट तक भाप में पकाएं. टूथपिक डालकर देखें, अगर वह साफ निकले तो इडली तैयार है.

स्वाद और बनावट बेहतर बनाने के टिप्स

  • सूजी हमेशा मोटी वाली चुनें, बारीक सूजी से इडली चबाने में सख्त बनती है
  • इनो डालने के तुरंत बाद घोल को ज्यादा देर तक न फेंटें
  • घोल न ज्यादा गाढ़ा रखें न ज्यादा पतला, वरना इडली भारी बन जाएगी
  • मोल्ड में हल्का तेल जरूर लगाएं ताकि इडली आसानी से निकल जाए

इंस्टेंट रवा इडली को और सेहतमंद कैसे बनाएं

इस रेसिपी में बारीक कटी गाजर, मटर या शिमला मिर्च मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है. जो लोग वजन घटाने पर ध्यान दे रहे हैं, वे तेल की मात्रा कम रखकर और तड़के में सब्जियां बढ़ाकर इसे हल्का बना सकते हैं. यह इडली नारियल की चटनी या सांभर के साथ परोसने पर स्वाद में और भी निखर जाती है.

टिफिन और मेहमानों के लिए बेहतरीन विकल्प

बच्चों के टिफिन में यह इडली आसानी से पैक की जा सकती है क्योंकि यह ठंडी होने पर भी नरम बनी रहती है. अचानक आए मेहमानों के लिए भी यह रेसिपी किसी भी पारंपरिक नाश्ते जितनी अच्छी लगती है, वह भी बिना ज्यादा तैयारी के.

इडली को स्टोर करने और दोबारा गरम करने का सही तरीका

अगर इडली बच जाए तो उसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में एक-दो दिन तक स्टोर किया जा सकता है. दोबारा खाने से पहले इसे कुछ मिनट के लिए स्टीमर में हल्का गरम कर लें, इससे इडली अपनी मुलायम बनावट वापस पा लेती है. माइक्रोवेव में गरम करते समय ऊपर से थोड़ा पानी छिड़कने पर इडली सूखी नहीं होती.

अलग-अलग स्वाद में बनाने के आसान बदलाव

सादी रवा इडली के अलावा इसमें बीट रूट या पालक की प्यूरी मिलाकर रंगीन और पौष्टिक इडली भी बनाई जा सकती है. मसाला पसंद करने वालों के लिए बारीक कटा प्याज और टमाटर भी घोल में मिलाया जा सकता है. यह छोटे बदलाव इडली को हर बार नया स्वाद देने में मदद करते हैं.

अक्सर होने वाली गलतियां और उनसे कैसे बचें

  • घोल को इनो डालने के बाद बहुत देर तक रखना, जिससे फूलावट कम हो जाती है
  • सूजी को बिना भूने इस्तेमाल करना, इससे इडली का स्वाद फीका रह जाता है
  • स्टीमर में पानी कम रखना, जिससे भाप पूरी तरह नहीं बन पाती
  • मोल्ड में तेल न लगाना, जिससे इडली निकालते समय टूट जाती है

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से इंस्टेंट रवा इडली रेसिपी हर बार परफेक्ट और होटल जैसी बनती है.

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