पुरी में 27 जून को शुरू होगी रथ यात्रा, जिसमें लाखों भक्त शामिल होंगे। जानें इस भव्य उत्सव के पीछे की कहानी और विशेष अनुष्ठान।

जगन्नाथ रथ यात्रा, जिसे ‘चैरीअट फेस्टिवल’ भी कहा जाता है, भारत के सबसे प्रतिष्ठित त्योहारों में से एक है। हर वर्ष ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाला यह उत्सव भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य यात्रा का प्रतीक है।

📆 तिथि और समय:

वर्ष 2025 में यह यात्रा 27 जून को आरंभ होगी। इस दिन, तीनों देवताओं को विशाल और सुसज्जित रथों में श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाएगा।

🌟 महत्व और परंपरा:

यह यात्रा भगवान जगन्नाथ की भक्तों के प्रति करुणा और सुलभता का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के दर्शन के लिए बाहर आते हैं, जिससे उन लोगों को भी उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है जो मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते।

🛕 मुख्य अनुष्ठान:

  1. रथ निर्माण: तीनों रथों का निर्माण विशेष प्रकार की लकड़ी से किया जाता है, जिसमें किसी भी धातु का उपयोग नहीं होता।
  2. चेरा पहारा: पुरी के राजा द्वारा रथों की सफाई की जाती है, जो भगवान के प्रति उनकी विनम्रता का प्रतीक है।
  3. गुंडिचा यात्रा: देवताओं को गुंडिचा मंदिर में ले जाया जाता है, जहां वे कुछ दिन विश्राम करते हैं।

🌍 भव्यता और वैश्विक आकर्षण:

यह उत्सव न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं, और कई विदेशी पर्यटक भी इसकी भव्यता को देखने के लिए पुरी आते हैं।

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