रूस में जयशंकर का बयान

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर रूस के दौरे पर हैं। यह यात्रा अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ की पृष्ठभूमि में बेहद अहम मानी जा रही है।

अमेरिका का आरोप और भारत का विरोध

अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया कि रूस से कच्चा तेल खरीदकर वह अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है। इस पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया

रूस में मीडिया से बातचीत करते हुए जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि भारत को रूसी तेल खरीदने पर धमकी देना समझ से परे है। उन्होंने अमेरिका का तर्क अव्यावहारिक करार दिया।

चीन और यूरोप पर टिप्पणी

जयशंकर ने कहा कि रूस से तेल का सबसे बड़ा खरीदार भारत नहीं बल्कि चीन है। वहीं एलएनजी का सबसे बड़ा खरीदार यूरोपीय संघ है। इस तरह अमेरिका का तर्क पूरी तरह कमजोर पड़ता है।

भारत का स्पष्ट रुख

भारत का कहना है कि उसकी ऊर्जा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हित पर आधारित है। जयशंकर का बयान यह संदेश देता है कि भारत किसी बाहरी दबाव में फैसले नहीं करेगा।