जल संरक्षण

राज्यपाल और रोटरी क्लब ग्रेटर रायपुर के बीच हुई चर्चा में जल संरक्षण प्रमुख विषय रहा। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि यदि समय रहते जल स्रोतों को संरक्षित और पुनर्जीवित नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और नागरिकों से इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि जल बचाना केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

पर्यावरण बचाने के लिए अभियान की जरूरत

बैठक के दौरान जल संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि पेड़ों के आसपास कंक्रीट और टाइल्स लगाने की प्रवृत्ति उनके प्राकृतिक विकास में बाधा बन रही है। उन्होंने रोटरी क्लब से ऐसे पेड़ों को संरक्षित करने और हरित अभियान चलाने की अपील की। उनका मानना है कि पर्यावरण और जल संरक्षण एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए विषय हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर

राज्यपाल ने कहा कि जल संरक्षण जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना भी है। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए रोटरी क्लब से जनजागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय पर जानकारी और जांच से कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है।

जनजातीय क्षेत्रों में काम करने का आग्रह

चर्चा के दौरान जल संरक्षण के साथ-साथ विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास को भी महत्वपूर्ण विषय बताया गया। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कार्य किए जाने चाहिए। इससे इन समुदायों का जीवन स्तर बेहतर होगा और उनकी सांस्कृतिक पहचान भी सुरक्षित रह सकेगी।

समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील

राज्यपाल ने कहा कि जल संरक्षण और सामाजिक विकास जैसे अभियानों में व्यक्तिगत भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने रोटेरियनों से सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि अनसुने समाजसेवियों को सम्मानित कर उन्हें प्रेरणा का स्रोत बनाया जाना चाहिए।

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