छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में जनमन आवास ठगी का एक और मामला दर्ज हुआ है। बोड़ला विकासखंड के ग्राम दुलदुला में तीन हितग्राहियों ने ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की। आरोप है कि मकान बनाने के लिए रकम लेने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हुआ। पैसे वापस मांगने पर भी कथित तौर पर राशि नहीं लौटाई गई।
मामले में शेख निजामुद्दीन उर्फ निक्की खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने चिल्फी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया। शिकायत में निर्माण राशि लेने और काम अधूरा छोड़ने का आरोप लगाया गया है।
यह मामला प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों से जुड़ा है। योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया है। उन्होंने आवास निर्माण के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
तीन हितग्राहियों से 2.40 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, राजिम धुर्वे, उनके बड़े भाई सोनेलाल धुर्वे और पड़ोसी छिरवैया धुर्वे के नाम आवास स्वीकृत हुए थे। आरोप है कि ठेकेदार ने तीनों मकानों के निर्माण की जिम्मेदारी ली थी। इसके लिए हितग्राहियों ने उन्हें रकम दी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक हितग्राही से 80 हजार रुपये लेने का आरोप है। इस तरह शिकायत में कुल 2 लाख 40 हजार रुपये की राशि का उल्लेख किया गया है। रकम मिलने के बावजूद मकानों का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
हितग्राहियों ने राशि वापस मांगी, लेकिन शिकायत के मुताबिक भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया गया। अब मामले में जांच के जरिए आरोपों से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
जनमन आवास ठगी के मामलों में तीन ठेकेदारों पर FIR
कबीरधाम जिले में इससे पहले भी दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। ग्राम आमानारा के बैसाखू बैगा की शिकायत पर ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ कार्रवाई हुई। वहीं, ग्राम राजाढ़ार के देवसिंह ने ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नए मामले के बाद जिले में तीन ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, तीनों मामलों में कुल 7 लाख 49 हजार रुपये की कथित ठगी का आरोप है। यह राशि शिकायतों में दर्ज आरोपों पर आधारित है।
जनमन आवास ठगी पर प्रशासन की नजर
पीएम जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसलिए निर्माण कार्य और भुगतान से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखना हितग्राहियों के लिए उपयोगी है।
- मकान निर्माण की शर्तें और भुगतान का विवरण लिखित रूप में रखें।
- रसीद, बैंक रिकॉर्ड और ठेकेदार से हुई बातचीत के प्रमाण सुरक्षित रखें।
यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं होता या रकम लौटाने में समस्या आती है, तो संबंधित विभाग और पुलिस से संपर्क किया जा सकता है। जनमन आवास ठगी से जुड़ी शिकायतों में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
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