छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। Kawardha Crime मामले में बैगा समाज की एक नाबालिग बच्ची के साथ दो युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। दरअसल इस घटना के बाद समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
इसके अलावा लोगों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठाई है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बैगा समाज की बैठक में लिए गए अहम फैसले
कवर्धा के मजगांव स्थित बैगा भवन में समाज की विशेष बैठक आयोजित की गई। Kawardha Crime को लेकर हुई इस बैठक में समाज प्रमुख इतवारी मछिया, कामू बैगा, शिवकुमार बैगा और मोतीलाल बैगा सहित कई लोग मौजूद रहे।
साथ ही बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। नतीजतन समाज ने शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
दोषियों को फांसी देने की उठी मांग
बैठक के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। Kawardha Crime मामले में फांसी से कम सजा स्वीकार नहीं करने की बात कही गई।
हालांकि समाज ने जिला अधिवक्ता संघ से यह मांग भी की कि कोई स्थानीय वकील आरोपियों की पैरवी न करे। खासतौर पर लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज और मानवता दोनों को शर्मसार करती हैं।
समाज सुधार और शिक्षा पर भी बनी सहमति
दुष्कर्म की घटना के अलावा बैठक में समाज की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा शराबखोरी जैसी कुरीतियों को खत्म करने का संकल्प लिया गया। वहीं बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ आवाज उठाने पर सहमति बनी।
इसी बीच बैगा समाज की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए अभियान चलाने की योजना भी बनाई गई। कुल मिलाकर बैठक केवल विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक सुधार पर भी जोर दिया गया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, पीड़िता 16 मई को एक परिचित के घर छठी कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। लौटते समय सरोदादादर से रानीदहरा मार्ग के जंगल में दो युवकों ने वारदात को अंजाम दिया।
इसके बाद महिला थाना और चिल्फी थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हुई। Kawardha Crime मामले में पुलिस ने बयान, पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की। इसलिए जल्द कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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