<h1>कृषि केंद्र में लापरवाही से बर्बाद हुई खाद और दवा</h1>
कृषि केंद्र दवा जांच को लेकर छत्तीसगढ़ के नागाबुड़ा गांव से चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहां के कृषक सूचना केंद्र में वर्षों से रखी 7 लाख से अधिक की खाद और दवाएं सड़कर बर्बाद हो गईं।
इनमें फफूंदनाशक, कीटनाशक, जैविक खाद और कृषि कल्चर शामिल थे जिन्हें किसानों को प्रदर्शनी योजना के तहत निशुल्क दिया जाना था।
खराब सामग्री बनी गांव में परेशानी का कारण
लंबे समय तक बंद कमरे में रखी सामग्री से बदबू फैलने लगी, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो गया।
उपस्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को भी परेशानी होने लगी।
पंचायत ने उठाया ठोस कदम
बार-बार प्रशासन को जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होते देख, ग्राम पंचायत ने सामग्री को ट्रैक्टर से बाहर फिंकवा दिया।
तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लादकर सामग्री को गांव से दूर ले जाया गया ताकि गंदगी से राहत मिल सके।
अधिकारी बोले- कार्यभार से पहले की बात
REO तरुण कश्यप का कहना है कि वे एक साल पहले ही पदस्थ हुए हैं और ये दवाएं पहले से ही केंद्र में पड़ी थीं।
उन्होंने कहा कि विभाग को इस स्थिति की सूचना दी गई थी।
वहीं कृषि उपसंचालक चंदन राय ने मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने की बात कही और जांच की घोषणा की।
योजना की असफलता या लापरवाही?
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाएं क्रियान्वयन के अभाव में दम तोड़ रही हैं।
जहां किसानों को इसका लाभ मिलना था, वहीं हजारों की सामग्री कचरे में तब्दील हो गई।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
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