मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 25 सितंबर को मुंगेली जिले का दौरा किया। उन्होंने मदकूद्वीप मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने रामाश्रय और गणेश मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में कन्या पूजन भी किया। इसके बाद वे कन्या भोज में शामिल हुए। उन्होंने कन्याओं का आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने कन्या पूजन की परंपरा का महत्व बताया।
मदकूद्वीप मंदिर में पूजा के बाद कन्या पूजन
मुख्यमंत्री ने प्राचीन रामाश्रय मंदिर में विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उन्होंने गणेश मंदिर में भी दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख और शांति की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कन्याओं से आशीर्वाद लेकर कन्या भोज में हिस्सा लिया।
कन्या भोज में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री
पूजन के बाद मुख्यमंत्री कन्या भोज में शामिल हुए। उन्होंने कन्याओं के साथ भोजन किया। इसके बाद प्रसाद भी ग्रहण किया।
उन्होंने कहा कि हमारी परंपराओं में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। यह श्रद्धा और सम्मान की भावना से जुड़ा है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इसमें सहभागिता की।
ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है मदकूद्वीप
मदकूद्वीप मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड में स्थित है। यह क्षेत्र धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के अनुसार, यहां मंदिरों के अवशेष मिले हैं। यहां प्राचीन शिलालेख, सिक्के और मिट्टी के बर्तन भी मिले हैं।
मदकूद्वीप में प्राचीन स्थापत्य के अवशेष दिखाई देते हैं। यहां की कला और मंदिर निर्माण शैली भी महत्वपूर्ण है। इस कारण यह स्थल धार्मिक पर्यटन से जुड़ा है।
मंदिर संग्रहालय का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने पुरातत्व विभाग के मंदिर संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां संरक्षित ऐतिहासिक सामग्री की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें स्थल के इतिहास से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने प्राचीन धरोहरों के संरक्षण की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि विरासत नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ती है। इसलिए ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण जरूरी है।
सहापीडिया के अनुसार, मदकूद्वीप में पुनर्निर्मित प्राचीन मंदिरों का समूह भी मौजूद है। इन मंदिरों में पुरातात्विक खुदाई से मिले पत्थर और स्थापत्य सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।
मदकूद्वीप मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान
मदकूद्वीप को धार्मिक आस्था के साथ इतिहास से भी जोड़ा जाता है। यहां प्राचीन मंदिरों के अलावा कई स्थापत्य अवशेष हैं। पर्यटन विभाग इसे प्राकृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं वाला स्थल बताता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। ऐसे स्थल लोगों को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं। साथ ही ये प्रदेश के इतिहास को समझने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी उपस्थित रहे।
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल कार्यक्रम में पहुंचे। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन भी मौजूद रहे। इसके अलावा कई विधायक और अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख बिंदु
- मुख्यमंत्री ने रामाश्रय मंदिर में पूजा की।
- गणेश मंदिर में भी दर्शन किए गए।
- कन्या पूजन और कन्या भोज में सहभागिता की।
- मंदिर संग्रहालय का अवलोकन किया गया।
मदकूद्वीप की विरासत से जुड़े तथ्य
- यहां प्राचीन मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं।
- पुरातात्विक सामग्री यहां से मिली है।
- पुनर्निर्मित मंदिर परिसर भी यहां मौजूद है।
- स्थल धार्मिक और पर्यटन महत्व रखता है।
मदकूद्वीप की प्राचीन विरासत से जुड़े कई प्रमाण आज भी मौजूद हैं। यहां के मंदिर और पुरातात्विक सामग्री इतिहास की जानकारी देते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे में धार्मिक कार्यक्रम के साथ विरासत संरक्षण पर भी जोर रहा।