प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर आयोजित माघ मेला 2025-26 में मकर संक्रांति स्नान पर्व से पहले ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मेला प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 25 लाख श्रद्धालु मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

15 जनवरी को मकर संक्रांति का प्रमुख स्नान पर्व है, जिस दिन प्रशासन को दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इससे पहले पौष पूर्णिमा के अवसर पर 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया था।

🚘 पार्किंग और आवागमन की स्मार्ट व्यवस्था

श्रद्धालुओं को लंबी दूरी पैदल तय न करनी पड़े, इसके लिए घाटों के आसपास 42 अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं। इनमें एक लाख से अधिक वाहनों के ठहराव की क्षमता है। मेला क्षेत्र के भीतर गोल्फ कार्ट और बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को विशेष राहत मिल रही है।

🛕 12,100 फीट में बने अत्याधुनिक स्नान घाट

माघ मेला 2025-26 के लिए 12,100 फीट लंबाई में स्नान घाटों का निर्माण किया गया है। इन घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चेंजिंग रूम, पुआल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि स्नान प्रक्रिया सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।

🌊 गंगा जल की सतत निगरानी

गंगा में जलस्तर और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कानपुर के गंगा बैराज से प्रतिदिन 8000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रयागराज में नदियों में गिरने वाले सभी 81 नालों को टैप कर लिया गया है। इसके साथ ही गंगा जल की 24×7 मॉनिटरिंग की जा रही है।

♻️ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि माघ मेले को खुले में शौच मुक्त, दुर्गंध मुक्त और गंगा में जीरो डिस्चार्ज बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

25,880 शौचालय

11,000 डस्टबिन

10 लाख से अधिक लाइनर बैग

25 सक्शन वाहन

3300 सफाई कर्मी

🚨 सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद

मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय के अनुसार, सुरक्षा के लिए 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां, 20 अग्निशमन स्टेशन, जल पुलिस थाना और कंट्रोल रूम सक्रिय हैं।
इसके अतिरिक्त 8 किमी से अधिक डीप वाटर बैरिकेडिंग और 2 किमी रिवर लाइन (एकल दिशा मार्ग) लागू की गई है।
भीड़ नियंत्रण के लिए AI तकनीक से लैस 400 से अधिक CCTV कैमरे लगातार निगरानी कर रहे हैं।