भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स 1300 अंकों से अधिक टूट गया और निफ्टी 22,250 के नीचे आ गया।

इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली रहा। हाल ही में ईरान-अमेरिका स्थिति को लेकर आई टिप्पणियों ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक बना दिया।

बाजार में बैंकिंग, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

हालांकि, रुपये ने इस दौरान मजबूती दिखाई और डॉलर के मुकाबले 151 पैसे की बढ़त दर्ज की। यह मजबूती आरबीआई के हस्तक्षेप और बाजार नियंत्रण उपायों के कारण संभव हुई।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।