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मानसून वापसी के दौर में देश के कई हिस्सों में मौसम बदल गया है। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय मौसमी सिस्टम इसका प्रमुख कारण है। डिप्रेशन उत्तर छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ रहा है। यह सिस्टम मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। IMD ने कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है।

उत्तर भारत में बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड में भी तेज बारिश की चेतावनी जारी है। दिल्ली और हरियाणा में भी बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बढ़ी है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना मौसम बदलाव की वजह

मौसम में अचानक बदलाव के पीछे सक्रिय डिप्रेशन अहम है। यह सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पास बना था। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। IMD के अनुसार, यह उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है।

सिस्टम के कारण मध्य भारत में बारिश बढ़ी है। इसका असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर भी देखा गया है। छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई है। इसके बाद बारिश का प्रभाव उत्तर प्रदेश तक पहुंच रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के दोनों मौसम उपखंडों में 26 सितंबर को भारी चेतावनी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अत्यधिक भारी बारिश संभव है। 27 सितंबर को भी बारिश का असर बना रहेगा। इसके बाद 28 सितंबर से चेतावनी नहीं है।

उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश संभव है। 28 सितंबर को भी भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में इससे भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की जरूरत है।

दिल्ली-एनसीआर में दो दिन बारिश की संभावना

दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदल गया है। IMD ने 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान जताया है। गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 28 सितंबर से क्षेत्र में कोई चेतावनी नहीं है।

दिल्ली से मानसून की विदाई 23 सितंबर को दर्ज की गई थी। इसके बाद भी नया सिस्टम बारिश लेकर आया है। इसलिए मानसून वापसी के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिला है।

मध्य भारत में भी जारी रहेगा बारिश का असर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का प्रभाव बना है। डिप्रेशन के आगे बढ़ने से मध्य भारत प्रभावित हुआ है। IMD ने छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश दर्ज की गई है।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। सिक्किम और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भी बारिश का अनुमान है। कुछ दक्षिणी राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

मानसून की विदाई पर क्या पड़ेगा असर

मानसून की विदाई केवल तारीख से तय नहीं होती। इसके लिए बारिश में लगातार कमी जरूरी होती है। निचले वातावरण में एंटी-साइक्लोन भी महत्वपूर्ण होता है। नमी में कमी भी इसका अहम संकेत है।

इसलिए सक्रिय मौसम प्रणालियां विदाई की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी है। हालांकि, कई क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता जल्द घट सकती है। IMD के ताजा अलर्ट में 28 सितंबर के बाद उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लिए चेतावनी नहीं है।

बारिश के दौरान लोगों को रखनी होगी सावधानी

तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है। जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें। बिजली चमकने पर खुले स्थानों से दूर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी रखें।

स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें। मौसम तेजी से बदलने पर यात्रा की योजना भी बदलें। कुल मिलाकर, सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम सक्रिय बना हुआ है।


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