मुंबई । मुंबई के कालाचौकी इलाके एक बेहद खौपनाक मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति और ससुरालवालों से कथित तौर पर लड़के के लिए ताने मिलने से परेशान हो कर अपनी तीन माह की बच्ची को घर में बनी पानी की टंकी में डुबा कर मार डाला। यह जानकारी पुलिस ने बृहस्पतिवार को दी। अभी भी कई जगहों पर लोग बेटियों को बोझ समझते हैं। ऐसी सोच कि बजह से ना जाने कितनी मासूमों को अपनी जान गवानी पड़ती है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार को कालाचौकी के फेरबंदर इलाके में संघर्ष सदन इमारत में हुई। अधिकारी ने बताया कि 36 वर्षीय आरोपी ने शुरू में दावा किया था कि मंगलवार को एक महिला उसके घर आई थी और उसने उसे नशीला पदार्थ खिलाकरा बच्चे को अगवा कर लिया है। ये सब उसने अपने जुर्म को छुपाने के लिए किया था।

बताया गया कि मां कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की और संदिग्ध महिला का स्केच भी जारी किया। संदिग्ध का पता लगाने के लिए टीम गठित की गईं और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। अधिकारी ने कहा कि अपराध शाखा की एक टीम ने बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता और उसके पति को बुलाया ताकि घटना के बारे में और जानकारी मिल सके।

उसके बाद पुलिस ने महिला को भरोसे में लेकर पूछताछ की महिला से सच जानने की कोशिश की ,जिसपर महिला के अपना जुर्म कुबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बच्ची को पानी की टंकी में डाल दिया और यह टंकी घर में रखी है।

जानकारी के अनुसार आरोपी का विवाह 2011 में हुआ था और उनकी एक बच्ची पहले से है। महिला ने बताया कि दूसरी बार गर्भवती होने पर उसके परिवार को गर्भ में बच्ची होने का अंदेशा हुआ और उन्होंने उसका गर्भपात करा दिया। इसी प्रकार तीन और बार महिला का गर्भपात कराया गया। उन्होंने बताया इस वर्ष अगस्त में उसने एक बच्ची को जन्म दिया जिसके बाद पूरे परिवार ने उससे संबंध समाप्त कर लिए। इस लिए इन सब से परेशान महिला ने ये कदम उठाया। पुलिस ने शव बरामद कर लिया गया है और मामले की जांच चल रही है। बच्ची का शव टंकी में तैरता हुआ पाया गया।