रायपुर में 2 अक्टूबर को नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित हुई। राज्यपाल रमेन डेका ने सेवा संकल्प अभियान के तहत इसमें भाग लिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित हुआ।
राज्यपाल डेका ने टाउन हॉल परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने पदयात्रा में सहभागिता की। कार्यक्रम में देश के महान नेताओं के आदर्शों को याद किया गया। साथ ही, समाज को नशे से मुक्त बनाने के लिए जागरूकता पर जोर दिया गया।
गांधी और शास्त्री को किया नमन
पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। इसके बाद यात्रा अंबेडकर चौक पहुंची। यहां राज्यपाल ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस तरह कार्यक्रम में तीनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि दी गई।
जनभागीदारी से नशामुक्त समाज का संदेश
राज्यपाल ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सामूहिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जनजागरूकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया। पदयात्रा में युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और शहर के नागरिकों ने भाग लिया।
इस आयोजन में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा और सुनील सोनी भी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयासों का संदेश दिया।
समाज को नशे से दूर रखने के लिए जरूरी कदम
- युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता बढ़ाना।
- परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
- नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित करना।
- जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना।
पदयात्रा से जुड़े प्रमुख आयोजन
- टाउन हॉल परिसर में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी गई।
- लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
- अंबेडकर चौक में डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन किया गया।
- नागरिकों ने नशे से दूर रहने और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
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